ट्रंप की धमकी से भड़का चीन, सोयाबीन और रेयर अर्थ पर शुरू हुई अब तक की सबसे बड़ी जंग

अमेरिका और चीन के बीच व्यापारिक तनाव और गहरा गया है। सोयाबीन और रेयर अर्थ मिनरल्स पर नए फैसले से वैश्विक बाजार और किसानों पर बड़ा असर पड़ सकता है।

Lalit Sharma
Edited By: Lalit Sharma

International News:  अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने चीन को चेतावनी दी कि उनकी सरकार कुकिंग ऑयल के कारोबार को खत्म करने पर विचार कर रही है। इस पर चीन ने कहा कि ट्रेड वॉर से कभी किसी को फायदा नहीं होता। बीजिंग ने साफ किया कि मतभेदों को बातचीत और आपसी सम्मान से सुलझाना होगा। दोनों देशों के बीच यह तनाव अब सिर्फ कारोबार तक सीमित नहीं है बल्कि राजनीतिक दबाव का भी रूप ले चुका है।

चीन ने दी बातचीत की सलाह

चीन के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता लिन जियान ने कहा कि अमेरिका और चीन को बराबरी और आपसी लाभ के आधार पर बातचीत करनी चाहिए। उन्होंने दोहराया कि चीन की स्थिति हमेशा स्पष्ट रही है और वह मतभेदों को शांतिपूर्ण ढंग से हल करना चाहता है। हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि अगर अमेरिका एकतरफा फैसले लेगा तो चीन अपने हितों की रक्षा करेगा। यह बयान ट्रंप के उस एलान के बाद आया जिसमें उन्होंने चीन से तेल व्यापार रोकने की बात कही थी।

सोयाबीन पर अमेरिका को झटका

चीन लंबे समय से अमेरिकी सोयाबीन का सबसे बड़ा खरीदार रहा है। लेकिन टैरिफ विवाद के बाद बीजिंग ने अमेरिका से खरीद बंद कर दी। महंगे आयात से बचने के लिए उसने ब्राजील और अन्य दक्षिण अमेरिकी देशों से सोयाबीन खरीदना शुरू कर दिया। इस कदम से अमेरिकी किसानों की कमर टूट गई है। राष्ट्रपति ट्रंप ने चीन की इस कार्रवाई को अमेरिका पर आर्थिक हमला बताया। किसानों में गुस्सा बढ़ रहा है क्योंकि उनकी आमदनी बुरी तरह प्रभावित हो गई है।

रेयर अर्थ मिनरल्स पर नियंत्रण

तनाव सिर्फ कृषि तक सीमित नहीं है। चीन ने हाल ही में हाई-टेक सामान बनाने में जरूरी रेयर अर्थ मिनरल्स के निर्यात पर नियंत्रण कड़ा कर दिया है। चीन का कहना है कि यह कदम विश्व शांति और क्षेत्रीय स्थिरता के लिए उठाया गया है। लेकिन वॉशिंगटन ने इसे रणनीतिक हथियार करार दिया है। इसके जवाब में ट्रंप ने चीन पर 100 फीसदी टैरिफ लगाने की धमकी दी। इससे दोनों देशों के बीच टकराव और तेज हो गया है।

ट्रंप ने लगाया चीन पर आरोप

राष्ट्रपति ट्रंप ने साफ कहा कि चीन जानबूझकर अमेरिकी अर्थव्यवस्था को निशाना बना रहा है। उनका कहना है कि सोयाबीन पर रोक और रेयर अर्थ पर नियंत्रण सीधे तौर पर अमेरिकी हितों पर हमला है। उन्होंने कहा कि उनकी सरकार हर संभव कदम उठाने को तैयार है। कुकिंग ऑयल पर रोक उसी रणनीति का हिस्सा है। ट्रंप ने यह भी कहा कि वह अमेरिकी किसानों और कारोबारियों को किसी भी कीमत पर नुकसान नहीं होने देंगे।

अमेरिकी किसान सबसे ज्यादा प्रभावित

इस विवाद का सबसे बड़ा असर अमेरिकी किसानों पर पड़ा है। पिछले साल अमेरिका ने 24.5 अरब डॉलर का सोयाबीन निर्यात किया था जिसमें से आधा चीन ने खरीदा। लेकिन चीन की रोक से लाखों टन सोयाबीन गोदामों में पड़ा है। कीमतें गिर रही हैं और किसान विरोध में आवाज उठा रहे हैं। अर्थशास्त्रियों का कहना है कि अगर यह विवाद लंबा खिंचा तो पूरी दुनिया में खाद्य संकट और महंगाई बढ़ सकती है।

दुनिया देख रही दोनों की जंग

अब पूरी दुनिया इस टकराव को चिंता के साथ देख रही है। बाजारों में अनिश्चितता बढ़ गई है और निवेशक डरे हुए हैं। कृषि से लेकर टेक्नोलॉजी तक हर सेक्टर पर असर पड़ रहा है। चीन लगातार कह रहा है कि सहयोग ही रास्ता है जबकि ट्रंप धमकियों की राजनीति कर रहे हैं। इस खींचतान का नतीजा वैश्विक अर्थव्यवस्था पर भारी पड़ सकता है। सोयाबीन, रेयर अर्थ और अरबों डॉलर के कारोबार पर भविष्य टिका हुआ है।

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