जेल, जिहाद और फिर... 60 साल बाद UNGA में सीरियाई राष्ट्रपति ने दिया भाषण, बोले- दुनिया में पुन: अपना स्थान हासिल कर रहा सीरिया

Syrian President UN speech : करीब 60 वर्षों बाद सीरिया के राष्ट्रपति अहमद अल-शरा ने संयुक्त राष्ट्र महासभा को संबोधित किया. यह ऐतिहासिक भाषण असद शासन के पतन और गृहयुद्ध की समाप्ति के बाद आया है. अल-शरा ने सीरिया की वैश्विक वापसी की बात कही और इजरायल की नीतियों की आलोचना की. देशभर में उनका भाषण लाइव देखा गया. उन्होंने क्षेत्रीय शांति और सुरक्षा समझौते की दिशा में आशा जताई.

Utsav Singh
Edited By: Utsav Singh

Syrian President UN speech : सीरिया के नए राष्ट्रपति अहमद अल-शरा ने बुधवार को संयुक्त राष्ट्र महासभा को संबोधित कर इतिहास रच दिया. यह लगभग छह दशकों में पहली बार हुआ है जब किसी सीरियाई राष्ट्राध्यक्ष ने संयुक्त राष्ट्र की महासभा में भाषण दिया. राष्ट्रपति अल-शरा का यह संबोधन सीरिया के अंतरराष्ट्रीय कूटनीतिक परिदृश्य में एक बड़े बदलाव का संकेत माना जा रहा है. अपने भाषण में उन्होंने कहा कि सीरिया अब विश्व समुदाय में अपना वाजिब और गरिमापूर्ण स्थान फिर से हासिल कर रहा है. यह भाषण केवल एक औपचारिक कूटनीतिक वक्तव्य नहीं था, बल्कि पूरे सीरिया में इसका उत्साहपूर्ण स्वागत हुआ. राजधानी दमिश्क समेत विभिन्न शहरों में बड़ी स्क्रीन पर लाइव टेलीकास्ट देखा गया और लोग देश का झंडा लहराते हुए सड़कों पर उतर आए.

1967 के बाद पहली बार सीरियाई राष्ट्रपति का संबोधन 

आपको बता दें कि संयुक्त राष्ट्र महासभा में सीरियाई राष्ट्रपति का अंतिम संबोधन 1967 में हुआ था, जब नौरेद्दीन अत्तासी ने बतौर राष्ट्रपति प्रतिनिधित्व किया था. यह समय अरब-इज़रायल युद्ध के ठीक बाद का था, जब सीरिया ने गोलन हाइट्स पर नियंत्रण खो दिया था. इसके कुछ ही वर्षों बाद 1970 में असद परिवार ने सत्ता पर कब्जा जमाया और करीब 50 वर्षों तक निरंतर शासन किया. इस लंबे कालखंड में सीरिया और संयुक्त राष्ट्र के बीच संबंध अपेक्षाकृत ठंडे बने रहे, खासकर सोवियत संघ से सीरिया की करीबी के कारण. आमतौर पर सीरियाई विदेश मंत्री ही संयुक्त राष्ट्र में देश का प्रतिनिधित्व करते रहे.

दिसंबर में हुआ निरंकुश शासन का अंत 
दिसंबर में सीरिया के राजनीतिक इतिहास में एक बड़ा बदलाव आया, जब बशर अल-असद के निरंकुश शासन का अंत हुआ. अहमद अल-शरा के नेतृत्व में एक जन-आंदोलन और राजनीतिक प्रक्रिया के जरिए असद को सत्ता से हटा दिया गया. असद की सत्ता से विदाई के साथ ही देश में लगभग 14 वर्षों से चला आ रहा गृहयुद्ध समाप्त हो गया, जिससे लाखों लोगों की जानें गईं और करोड़ों लोग विस्थापित हुए. नई सरकार अब सीरिया को अंतरराष्ट्रीय समुदाय में पुनः स्थापित करने की कोशिश कर रही है.

इजरायल पर सीधी टिप्पणी, क्षेत्रीय शांति की उम्मीद
राष्ट्रपति अल-शरा ने अपने भाषण में इज़रायल की तीखी आलोचना करते हुए कहा कि बशर अल-असद के पतन के बाद भी इज़रायल सीरिया को धमकाने से बाज नहीं आ रहा है. उन्होंने आरोप लगाया कि इज़रायल की नीतियाँ, सीरिया की संप्रभुता और उसके लोगों के अधिकारों के खिलाफ हैं.

सीरिया और इजरायल के बीच चल रही बातचीत 
हालांकि, उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि वर्तमान में सीरिया और इजरायल के बीच एक सुरक्षा समझौते को लेकर बातचीत चल रही है. अल-शरा ने उम्मीद जताई कि जल्द ही 1974 के 'सेपरेशन ऑफ फोर्सेज' समझौते की स्थिति बहाल होगी और इजरायली सेना पीछे हटेगी. बीते सप्ताह राष्ट्रपति ने कहा था कि एक औपचारिक समझौता कुछ ही दिनों में हो सकता है. हालांकि, इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू इस प्रक्रिया को लेकर कुछ संशयपूर्ण और सतर्क रुख अपनाते नजर आए हैं.

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