खाड़ी देशो में भिखारी एक्सपोर्ट कर रहा पाकिस्तान, रक्षा मंत्री का कबूलनामा
आर्थिक संकट से जूझ रहे पाकिस्तान की छवि को लेकर एक चौंकाने वाला खुलासा हुआ है.देश के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने माना है कि संगठित भिखारी माफिया की गतिविधियों ने पाकिस्तान की अंतरराष्ट्रीय छवि को नुकसान पहुंचाया है. उनके मुताबिक, इसी वजह से खाड़ी देशों ने पाकिस्तानी नागरिकों को वीजा देना बंद कर दिया है.

नई दिल्ली: आर्थिक संकट से जूझ रहे पाकिस्तान की छवि को लेकर एक चौंकाने वाला खुलासा सामने आया है. देश के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने खुद स्वीकार किया है कि संगठित भिखारी माफिया की गतिविधियों ने पाकिस्तान की अंतरराष्ट्रीय साख को नुकसान पहुंचाया है. उनके मुताबिक, खाड़ी देशों ने इसी कारण पाकिस्तानी नागरिकों को वीजा जारी करने पर रोक लगा दी है.
रक्षा मंत्री ने सोशल मीडिया पर साझा एक वीडियो के जरिए बताया कि भीख मांगना अब मजबूरी नहीं, बल्कि एक संगठित कारोबार का रूप ले चुका है. उन्होंने कहा कि यह नेटवर्क व्यवस्थित तरीके से लोगों को खाड़ी देशों में भेज रहा है, जिससे पाकिस्तान की छवि को गहरा आघात पहुंचा है.
मजबूरी नहीं, पेशा बन चुकी है भीख
ख्वाजा आसिफ ने अपने बयान में कहा कि पाकिस्तान में भीख मांगना अब लाचारी का प्रतीक नहीं रहा, बल्कि यह एक संगठित पेशे में बदल चुका है. उनके अनुसार, भिखारी माफिया बाकायदा महिलाओं, बच्चों और नकली दिव्यांगों की भर्ती करता है और उन्हें बड़ी संख्या में खाड़ी देशों में भेजता है.
रिपोर्ट के मुताबिक उन्होंने माना कि यही कारण है कि खाड़ी देशों ने पाकिस्तानी नागरिकों को वीजा देना बंद कर दिया है.
फैसलाबाद में खरीदी कोठियां
रक्षा मंत्री द्वारा साझा किए गए वीडियो में दिखाया गया है कि किस तरह कुछ भिखारी परिवार भारी कमाई कर रहे हैं. वीडियो में एक व्यक्ति एक बच्चे से बातचीत करता है, जिससे पता चलता है कि पूरा परिवार भीख मांगने के काम में लगा हुआ है.
जब बच्चे से उसकी आमदनी के बारे में पूछा गया तो उसने बताया कि वह और उसके तीन भाई मिलकर रोजाना करीब 12 हजार पाकिस्तानी रुपये कमा लेते हैं. बच्चे ने यह भी स्वीकार किया कि उसका भाई वास्तव में विकलांग नहीं है, बल्कि विकलांग होने का नाटक करता है. इस कमाई के दम पर उनके परिवार ने फैसलाबाद में घर तक खरीद लिया है.
एयरपोर्ट और प्रशासन की मिलीभगत
ख्वाजा आसिफ ने आगे कहा कि यह गोरखधंधा बड़े पैमाने पर चल रहा है और हजारों की संख्या में लोगों को खाड़ी देशों में भेजा जा रहा है. उन्होंने स्वीकार किया कि इस पूरे नेटवर्क में एयरपोर्ट स्टाफ, स्थानीय प्रशासन और पुलिस की मिलीभगत है. उनके सहयोग के बिना इस तरह की गतिविधियां संभव नहीं हो सकतीं.
स्थिति की गंभीरता का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि सऊदी अरब और यूएई जैसे देशों ने सख्त रुख अपनाया है.
हजारों लोग विदेशों से किए गए डिपोर्ट
पाकिस्तान के प्रवासी मंत्रालय के आंकड़ों के मुताबिक, 2019 से 2025 के बीच भीख मांगने सहित अन्य आरोपों में 7,800 से ज्यादा पाकिस्तानियों को विदेशों से वापस भेजा जा चुका है. हालात बिगड़ने के बाद 2025 में डिपोर्ट किए गए लोगों के पासपोर्ट रद्द करने की प्रक्रिया भी शुरू की गई.
खाड़ी देशों ने लगाया अनिश्चितकालीन वीजा बैन
दिसंबर 2024 में यूएई, सऊदी अरब और अन्य खाड़ी देशों ने पाकिस्तान के कम से कम 30 शहरों के नागरिकों के लिए वीजा पर अनिश्चितकालीन प्रतिबंध लगा दिया था. यह फैसला भीख मांगने, तस्करी, नशीले पदार्थों के व्यापार और अन्य आपराधिक गतिविधियों में पाकिस्तानी नागरिकों की बढ़ती संलिप्तता के बाद लिया गया.


