PM मोदी की मौजूदगी में आज भारत-ओमान CEPA पर हस्ताक्षर, टेक्सटाइल-ऑटोमोबाइल सहित कई सेक्टरों में खुलेंगे बड़े अवसर
भारत और ओमान के बीच एक बड़ा और रोमांचक कदम उठने वाला है. गुरुवार को मस्कट में दोनों देश एक मुक्त व्यापार समझौते (FTA) पर हस्ताक्षर करेंगे, जिससे भारतीय व्यापारियों और उद्योगों के लिए ढेर सारे नए अवसर खुलेंगे. खास तौर पर वस्त्र, खाद्य प्रसंस्करण, ऑटोमोबाइल, ऑटो कंपोनेंट्स, रत्न और आभूषण जैसे क्षेत्रों में भारतीय निर्यात को बड़ा बढ़ावा मिलेगा.

नई दिल्ली: भारत और ओमान के आर्थिक संबंधों में गुरुवार को एक ऐतिहासिक अध्याय जुड़ने जा रहा है. दोनों देश मस्कट में एक मुक्त व्यापार समझौते पर हस्ताक्षर करेंगे, जिससे द्विपक्षीय व्यापार और निवेश को नई गति मिलने की उम्मीद है. इस अहम समझौते पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की मौजूदगी में सिग्नेचर किए जाएंगे.
प्रधानमंत्री मोदी अपनी तीन देशों की चार दिवसीय विदेश यात्रा के अंतिम चरण में बुधवार को इथियोपिया की राजधानी अदीस अबाबा से ओमान के मस्कट पहुंचे. इस यात्रा को भारत की कूटनीति और आर्थिक साझेदारी के लिहाज से बेहद अहम माना जा रहा है.
CEPA क्या है? जिसके तहद होगा समझौता
भारत और ओमान के बीच जिस मुक्त व्यापार समझौते पर हस्ताक्षर होने जा रहे हैं, उसे आधिकारिक तौर पर व्यापक आर्थिक भागीदारी समझौता (CEPA) कहा जाता है. इस समझौते से वस्त्र, खाद्य प्रसंस्करण, ऑटोमोबाइल, ऑटो कंपोनेंट्स, रत्न एवं आभूषण जैसे क्षेत्रों में नए अवसर खुलने की संभावना है.
CEPA पर बातचीत नवंबर 2023 में शुरू हुई थी और इसे इस वर्ष अंतिम रूप दिया गया. इस समझौते के तहत दोनों देश अधिकतर वस्तुओं पर कस्टम ड्यूटी को कम या समाप्त करेंगे, साथ ही व्यापार को आसान बनाने और निवेश को बढ़ावा देने के लिए प्रक्रियाओं को सरल किया जाएगा.
पीयूष गोयल
वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल इस अहम समझौते के लिए पहले ही मस्कट पहुंच चुके हैं. उन्होंने ओमान-भारत व्यापार मंच को संबोधित करते हुए कहा कि यह समझौता दोनों देशों के लिए व्यापक आर्थिक अवसर लेकर आएगा. गोयल ने कहा कि यह ओमान का लगभग दो दशकों में पहला व्यापार समझौता होगा. इससे पहले ओमान ने जनवरी 2006 में अमेरिका के साथ एफटीए किया था.
खाड़ी क्षेत्र में भारत के लिए अहम साझेदार है ओमान
ओमान, खाड़ी सहयोग परिषद (GCC) देशों में भारत का तीसरा सबसे बड़ा निर्यात गंतव्य है. दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय व्यापार 2024-25 में करीब 10.5 अरब अमेरिकी डॉलर रहा, जिसमें भारत का निर्यात लगभग 4 अरब डॉलर और आयात 6.54 अरब डॉलर रहा. भारत के प्रमुख आयात में पेट्रोलियम उत्पाद और यूरिया शामिल हैं, जिनकी हिस्सेदारी कुल आयात का 70 प्रतिशत से अधिक है.
भारतीय निवेश में तेज बढ़ोतरी
पीयूष गोयल ने बताया कि ओमान में भारतीय निवेश में बीते कुछ वर्षों में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है. उन्होंने कहा कि 2020 के बाद से ओमान में भारतीय निवेश तीन गुना बढ़कर करीब 5 अरब अमेरिकी डॉलर तक पहुंच गया है. उन्होंने कहा कि मुक्त व्यापार समझौता सभी के लिए विशाल अवसर प्रदान करता है.
इथियोपिया में PM मोदी का संबोधन
ओमान पहुंचने से पहले प्रधानमंत्री मोदी ने अदीस अबाबा में इथियोपियाई संसद के संयुक्त सत्र को संबोधित किया. इथियोपिया की संसद दुनिया की 18वीं संसद है, जिसे प्रधानमंत्री मोदी ने संबोधित किया है. उन्होंने भारत और इथियोपिया को क्षेत्रीय शांति, सुरक्षा और संपर्क में स्वाभाविक साझेदार बताया और दोनों देशों के लोकतांत्रिक मूल्यों तथा साझा सभ्यतागत संबंधों की सराहना की.
पीएम मोदी का बयान
प्रधानमंत्री ने कहा कि इथियोपिया अफ्रीका के चौराहे पर स्थित है. भारत ¨हद महासागर के दिल में है. हम क्षेत्रीय शांति, सुरक्षा और संपर्क में स्वाभाविक भागीदार हैं. उन्होंने आगे कहा कि विकासशील देशों के रूप में भारत और इथियोपिया एक-दूसरे से सीखने और एक-दूसरे को देने के लिए बहुत कुछ रखते हैं. पीएम मोदी ने यह भी कहा कि दोनों देशों के बीच जलवायु और भावना में गर्मजोशी साझा है. उनके संबोधन के अंत में संसद सदस्यों ने खड़े होकर तालियां बजाईं.
द्विपक्षीय संबंधों को और मजबूती
इथियोपिया दौरे के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने अपने समकक्ष अबी अहमद अली से अर्थव्यवस्था, नवाचार, प्रौद्योगिकी, रक्षा, स्वास्थ्य और क्षमता निर्माण जैसे विषयों पर व्यापक चर्चा की. दोनों नेताओं ने द्विपक्षीय संबंधों को और प्रगाढ़ करने पर सहमति जताई.
ओमान के लिए रवाना होने से पहले इथियोपियाई प्रधानमंत्री अबी अहमद अली स्वयं कार चलाकर प्रधानमंत्री मोदी को विमान तक छोड़ने पहुंचे. उन्होंने मोदी को गले लगाकर विदाई दी, जो दोनों देशों के बीच मजबूत रिश्तों का प्रतीक माना जा रहा है.


