फांसी की खबरों पर भड़के ट्रंप, ईरान को दी 'कड़ी कार्रवाई' की चेतावनी
ईरान में जारी विरोध प्रदर्शनों और कथित फांसी की सज़ाओं को लेकर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कड़ा रुख अपनाया है. उन्होंने चेतावनी दी है कि अगर ईरानी सरकार प्रदर्शनकारियों को फांसी देती है तो अमेरिका इसका सख्त जवाब देगा.

नई दिल्ली: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान में जारी विरोध प्रदर्शनों और कथित फांसी की सज़ाओं को लेकर कड़ा रुख अपनाया है. उन्होंने साफ शब्दों में चेतावनी दी है कि अगर ईरानी प्रशासन प्रदर्शनकारियों को फांसी देता है तो अमेरिका इसकी सख्त प्रतिक्रिया देगा. ट्रंप का यह बयान ऐसे समय आया है जब ईरान में सरकार विरोधी आंदोलनों के बीच मानवाधिकार उल्लंघन की खबरें तेज़ हो गई हैं.
ट्रंप ने कहा कि उनका 'अंतिम लक्ष्य' जीत हासिल करना है और वह किसी भी कीमत पर इसे हासिल करना चाहते हैं. मिशिगन में दिए गए एक साक्षात्कार और भाषण के दौरान उन्होंने ईरान को लेकर अपने रुख को दोहराया और संकेत दिया कि वाशिंगटन इस पूरे घटनाक्रम पर करीबी नज़र बनाए हुए है.
फांसी की खबरों पर ट्रंप की सख्त चेतावनी
बुधवार से फांसी की सज़ा शुरू होने की रिपोर्टों पर प्रतिक्रिया देते हुए ट्रंप ने सीबीएस न्यूज से कहा, "अगर वे ऐसा करते हैं तो हम बहुत कड़ी कार्रवाई करेंगे."
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि ईरान में जो कुछ भी हो रहा है, उसे अमेरिका हल्के में नहीं ले रहा है.
मेरा अंतिम लक्ष्य जीतना है: डोनाल्ड ट्रंप
जब ट्रंप से उनके अंतिम लक्ष्य के बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा, "मेरा अंतिम लक्ष्य जीतना है. मुझे जीतना पसंद है," सीबीएस ने अपनी रिपोर्ट में यह बयान उद्धृत किया.
यह साक्षात्कार मिशिगन में उनके दौरे के दौरान लिया गया था, जहां वह एक विनिर्माण संयंत्र देखने पहुंचे थे और अर्थव्यवस्था पर भाषण भी दिया.
ईरानी प्रदर्शनकारियों के लिए मदद आ रही है
अपने भाषण के दौरान ट्रंप ने सोशल मीडिया पर पहले किए गए अपने पोस्ट को भी दोहराया, जिसमें उन्होंने कहा था कि ईरानी प्रदर्शनकारियों के लिए "मदद आ रही है".
हालांकि, उन्होंने यह भी माना कि ईरान में हो रहे खून-खराबे का असली पैमाना अभी स्पष्ट नहीं है.
मौत के आंकड़ों को लेकर असमंजस
ट्रंप ने कहा, "मैं आंकड़े सुनता हूं - देखिए, एक मौत भी बहुत ज्यादा है - लेकिन मैं इससे भी कम आंकड़े सुनता हूं, और फिर मैं इससे भी ज्यादा आंकड़े सुनता हूं."
इस बयान से साफ है कि अमेरिकी प्रशासन अभी हालात को लेकर अलग-अलग रिपोर्टों का विश्लेषण कर रहा है.
एयर फोर्स वन में क्या बोले ट्रंप?
बाद में एयर फोर्स वन में पत्रकारों से बातचीत करते हुए ट्रंप ने कहा कि वह हालात की पूरी जानकारी मिलने का इंतजार कर रहे हैं.
उन्होंने कहा, "यह हत्या महत्वपूर्ण प्रतीत होती है, लेकिन अभी हम निश्चित रूप से नहीं कह सकते. मुझे 20 मिनट के भीतर पता चल जाएगा और हम उसी के अनुसार कार्रवाई करेंगे."
ईरान में फांसी की खबरों पर अमेरिका की नजर
ट्रंप ने आगे चेतावनी देते हुए कहा, "हम नहीं चाहते कि ईरान में जो हो रहा है, वह यहाँ भी हो. और आप जानते हैं, अगर वे विरोध प्रदर्शन करना चाहते हैं, तो यह एक बात है, लेकिन जब वे हजारों लोगों को मारना शुरू कर देते हैं, और अब आप मुझे फांसी की बात बता रहे हैं - हम देखेंगे कि इसका उनके लिए क्या नतीजा निकलता है. यह अच्छा नहीं होगा."
ईरान में बढ़ता संकट
ट्रंप पहले ही चेतावनी दे चुके हैं कि अगर प्रदर्शनकारियों की हत्या होती है तो वाशिंगटन हस्तक्षेप करेगा, और उनके अनुसार यह सीमा पहले ही पार हो चुकी है.
अभियोजकों के यह कहने के बाद कि कुछ बंदियों को "मोहारेबेह" यानी "ईश्वर के विरुद्ध युद्ध छेड़ने" के आरोप में मृत्युदंड दिया जा सकता है, आशंका और गहरी हो गई है कि तेहरान विरोध को दबाने के लिए फांसी का सहारा ले सकता है.
एमनेस्टी इंटरनेशनल की चेतावनी
एमनेस्टी इंटरनेशनल ने कहा, "इस बात को लेकर चिंताएं बढ़ रही हैं कि अधिकारी असहमति को कुचलने और रोकने के लिए एक बार फिर त्वरित सुनवाई और मनमानी फांसी का सहारा लेंगे."
26 वर्षीय इरफान सोलतानी का मामला
ईरान ह्यूमन राइट्स ने 26 वर्षीय इरफान सोलतानी के मामले का भी ज़िक्र किया है, जिसे पिछले सप्ताह तेहरान के उपनगर कराज में गिरफ्तार किया गया था.
एक पारिवारिक सूत्र के अनुसार, उसे पहले ही मौत की सज़ा सुनाई जा चुकी है और बुधवार को ही उसे फांसी दी जा सकती है.


