भ्रष्टाचार के आरोपों में घिरे यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की, विपक्षी पार्टी ने की अविश्वास प्रस्ताव लाने की मांग

यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की, जो रूस के खिलाफ संघर्ष में निडर बने थे, अब भ्रष्टाचार के गंभीर आरोपों में घिरे हैं. उनके साझेदार तिमुर मिंडिच पर सरकारी परमाणु ऊर्जा कंपनी से 10 करोड़ डॉलर की हेराफेरी, मनी लॉन्ड्रिंग और धोखाधड़ी का आरोप है.

Utsav Singh
Edited By: Utsav Singh

नई दिल्ली : यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की, जो रूस के खिलाफ संघर्ष में निडरता से खड़े होकर देश के हीरो बने थे, अब भ्रष्टाचार के गंभीर आरोपों के घेरे में आ गए हैं. जांचकर्ताओं के अनुसार, जेलेंस्की के कारोबारी साझेदार तिमुर मिंडिच और उनके आपराधिक संगठन ने यूक्रेन की सरकारी परमाणु ऊर्जा कंपनी से 10 करोड़ डॉलर की हेराफेरी की. इस संगठन पर मनी लॉन्ड्रिंग, धोखाधड़ी और वित्तीय अपराधों में शामिल होने का आरोप है. यह आरोप जेलेंस्की के लिए एक बड़ा राजनीतिक संकट बन गया है, क्योंकि उनके खुद के सहयोगियों और समर्थकों के खिलाफ गंभीर साक्ष्य सामने आ रहे हैं.

ठेकेदारों से 10 से 15 % तक की रिश्वत ली गई

आपको बता दें कि तिमुर मिंडिच, जो जेलेंस्की द्वारा स्थापित कामेडी टेलीविजन स्टूडियो 'क्वारतल 95' का मालिक है, छापेमारी से पहले देश छोड़कर भाग गया था. यूक्रेन की भ्रष्टाचार निरोधक एजेंसी के मुताबिक, परमाणु ऊर्जा कंपनी से जुड़े इस मामले में ठेकेदारों से 10 से 15 प्रतिशत तक की रिश्वत ली गई थी. यह एक बड़ा घोटाला माना जा रहा है, जिसने यूक्रेनी समाज को हिलाकर रख दिया है.

विपक्ष ने अविश्वास प्रस्ताव लाने की मांग की 
यूक्रेन की मुख्य विपक्षी पार्टी, यूरोपीय सालिडेरिटी, ने राष्ट्रपति जेलेंस्की के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाने की मांग की है. पार्टी का आरोप है कि जेलेंस्की और उनके सहयोगियों ने सरकारी धन का दुरुपयोग किया है. इसके बाद, जेलेंस्की के निर्देश पर दो मंत्रियों ने इस्तीफा दे दिया. यूक्रेनी प्रधानमंत्री ने मिंडिच पर प्रतिबंध लगाने की भी अपील की है. इस मामले को लेकर यूक्रेनी नागरिकों में असंतोष बढ़ रहा है और वे सड़कों पर उतर आए हैं.

मामले की जांच एंटी-करप्शन ब्यूरो कर रहा 
इस मामले की जांच यूक्रेन की राष्ट्रीय एंटी-करप्शन ब्यूरो कर रहा है. ब्यूरो ने कई वीडियो और वायरटैप रिकॉर्डिंग्स को जनता के सामने लाया है, जो इस भ्रष्टाचार के मामले को और भी स्पष्ट करते हैं. जेलेंस्की पर आरोप है कि उन्होंने भ्रष्टाचार विरोधी जांचकर्ताओं की स्वतंत्रता को प्रभावित करने की कोशिश की थी. इसके बाद, जनता का दबाव बढ़ने पर जेलेंस्की ने जांचकर्ताओं के काम में कोई हस्तक्षेप न करने का बयान दिया.

इस मामले के सामने आने के बाद, जर्मनी ने यूक्रेन से भ्रष्टाचार के खिलाफ निर्णायक लड़ाई का आह्वान किया है. यूरोपीय देशों में यह चिंता बढ़ रही है कि अगर जेलेंस्की पर भ्रष्टाचार के आरोपों का असर पड़ता है, तो पश्चिमी साझेदार अपने समर्थन पर पुनर्विचार कर सकते हैं.

जेलेंस्की पर आरोपों से सरकार की छवि धूमिल 
वोलोदिमिर जेलेंस्की के खिलाफ भ्रष्टाचार के आरोपों से न केवल उनकी सरकार की छवि धूमिल हो रही है, बल्कि यूक्रेन के पश्चिमी साझेदारों के विश्वास में भी कमी आ सकती है. जबकि जेलेंस्की ने भ्रष्टाचार के खिलाफ जांच का समर्थन किया है, मामले की जांच और इसके परिणामों के बारे में अभी कुछ स्पष्ट नहीं हो पाया है. यह समय यूक्रेन के लिए बेहद चुनौतीपूर्ण है, जहां एक ओर युद्ध जारी है, वहीं दूसरी ओर आंतरिक भ्रष्टाचार का मामला उनके नेतृत्व को सवालों के घेरे में खड़ा कर रहा है.

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