विज्ञान
गायब हो रहे हैं सुपरपावर देशों के वैज्ञानिक! रहस्यमयी मौतों, गुमशुदगी और खौफनाक पैटर्न ने बढ़ाई चिंता
अमेरिका और चीन में टॉप डिफेंस वैज्ञानिकों की रहस्यमयी मौतें और गायब होने की घटनाएं बढ़ रही हैं. समान पैटर्न और संवेदनशील प्रोजेक्ट्स से जुड़ाव ने साजिश के शक को जन्म दिया है, लेकिन सच्चाई अभी भी पर्दे के पीछे है.
Artemis-II Mission: 50 साल बाद नासा की चंद्रमा की ओर ऐतिहासिक वापसी, चार अंतरिक्ष यात्री रवाना
नासा ने 50 से अधिक वर्षों बाद एक बार फिर मानव को चंद्रमा की ओर भेजकर इतिहास रच दिया है. आर्टेमिस-II मिशन के तहत चार अंतरिक्ष यात्री गहरे अंतरिक्ष की इस अहम यात्रा पर निकले हैं, जो भविष्य के अंतरिक्ष अभियानों के लिए नई दिशा तय करेगा.
10 साल में चंद्रमा पर मानव बस्ती! एलन मस्क ने किया बड़ा ऐलान, स्पेसएक्स इस पर सक्रिय रूप से काम कर रही है
चांद पर अंतरिक्ष यान हर 10 दिन में आसानी से रवाना हो सकता है और महज़ 2 दिन में वहां पहुंच जाता है. लेकिन मंगल की यात्रा? इसके लिए ग्रहों की खास स्थिति का इंतजार करना पड़ता है. जो हर 26 महीने में आती है और पूरी यात्रा में 6 लंबे महीने लग जाते हैं, जैसा एलन मस्क बताते हैं.
पृथ्वी की ओर तेजी से बढ़ रहा है हवाई जहाज जितना बड़ा एस्टेरॉयड... NASA ने दी जानकारी, कहा- टकराने वाला नहीं
Asteroid Passing Earth : NASA के अनुसार, एक 87 फीट बड़ा एस्टेरॉयड आज पृथ्वी के पास से सुरक्षित दूरी (13.4 लाख किलोमीटर) पर गुजरेगा. इसके साथ तीन अन्य छोटे एस्टेरॉयड भी धरती के नजदीक आएंगे. हाल ही में एक जिराफ आकार का एस्टेरॉयड पृथ्वी से मात्र 428 किलोमीटर दूर से गुजरा था. वैज्ञानिकों का कहना है कि फिलहाल ऐसा कोई एस्टेरॉयड नहीं है जो निकट भविष्य में पृथ्वी के लिए खतरा बने.
समुद्र की गहराइयों से निकला 2000 साल पुराना कंप्यूटर, वैज्ञानिक भी रह गए दंग
पुराने समय में खजाना ले जाने वाले जहाजों में मिली एंटीकिथेरा तंत्र लगभग 2000 साल पुराना है. यह पहला एनालॉग कंप्यूटर माना जाता है. यह यंत्र ग्रहण और ग्रहों की गति की भविष्यवाणी करता था. 1900 में इसकी खोज ग्रीस के साइमी द्वीप के पास हुई.
NISAR उपग्रह लॉन्च, पृथ्वी की धड़कन को नापेगा इसरो और नासा का मिशन, हर गतिविधि पर सटीक नजर, देखें Video
इसरो और नासा ने मिलकर अरबों डॉलर के निसार उपग्रह को सफलतापूर्वक पृथ्वी की धड़कन यानी भूकंप, बर्फ़ पिघलने और जलवायु बदलावों की निगरानी के लिए प्रक्षेपित किया है. यह उपग्रह पृथ्वी की सतह की उच्च-गुणवत्ता वाली तस्वीरें देगा और प्राकृतिक आपदाओं की बेहतर समझ और तैयारी में मदद करेगा. यह भारत-अमेरिका की अंतरिक्ष तकनीक सहयोग का महत्वपूर्ण उदाहरण है.
40 साल बाद कोई भारतीय भरेगा अंतरिक्ष की उड़ान, वायुसेना के शुभांशु शुक्ला मई में ISS की करेंगे यात्रा
भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) की आगामी योजनाओं की समीक्षा के लिए आयोजित एक उच्च स्तरीय बैठक के बाद बोलते हुए सिंह ने कहा कि भारत अंतरिक्ष में अपनी अगली उपलब्धि के लिए तैयार है. उन्होंने पुष्टि की कि शुक्ला एक्सिओम स्पेस के एक्स-4 मिशन के हिस्से के रूप में उड़ान भरेंगे, जिससे वह आईएसएस का दौरा करने वाले पहले भारतीय बन जाएंगे.
अगर भारत ना होता तो क्या होता... दुनिया के लिए चांद पर कदम रखना हो जाता मुश्किल!
चांद पर पहुंचने के रास्ते में भारत का योगदान अत्यधिक महत्वपूर्ण रहा है, खासकर आर्यभट्ट की दशमलव प्रणाली के माध्यम से, जिसने अंतरिक्ष अभियानों के लिए सटीक गणना और समय की माप को संभव बनाया. उनकी खोज ने ना केवल गणित के क्षेत्र में क्रांति लाई, बल्कि अंतरिक्ष विज्ञान को भी नई दिशा दी, जिससे चांद पर सफल मिशन संभव हो पाए.
अफगानिस्तान में लगे भूकंप के झटके, रिक्टर स्केल पर कितनी थी तीव्रता?, जानें यहां
अफगानिस्तान में शुक्रवार को भूकंप के तेज झटके लगे. नेशनल सेंटर फॉर सीस्मोलॉजी (NCS) के अनुसार, अफगानिस्तान में रिक्टर पैमाने पर 4.9 तीव्रता का भूकंप आया. बता दें कि अफगानिस्तान मौसमी बाढ़, भूस्खलन और भूकंप सहित प्राकृतिक आपदाओं के प्रति अत्यधिक संवेदनशील बना हुआ है. अफगानिस्तान में शक्तिशाली भूकंपों का इतिहास रहा है और हिंदू कुश पर्वत श्रृंखला भूगर्भीय रूप से सक्रिय क्षेत्र है जहां हर साल भूकंप आते हैं.
9 महीने बाद वापसी को तैयार, आज अंतरिक्ष से अलग होंगी सुनीता विलियम्स, कब तक होगी धरती पर वापसी?
नासा के अंतरिक्ष यात्री सुनीता विलियम्स और बुच विल्मोर धरती पर लौटने के लिए आज यानी मंगलवार को अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन से अलग हो जाएंगे और करीब 17 घंंटे की यात्रा कर 19 मार्च तड़के सुबह 3:27 बजे फ्लोरिडा के तट पर उतरेंगे. विलियम्स और विल्मोर पिछले साल जून में 8 दिन के अंतरिक्ष मिशन पर गए थे. लेकिन यान में तकनीकी खराबी के कारण उनकी वापसी संभव नहीं हो पाई.
300 साल पुराना विशाल मूंगा, जिसे अंतरिक्ष से भी देखा जा सकता है... समुद्र का है एक अनमोल रत्न
समुद्र की गहराइयों में एक विशाल मूंगा प्रवाल छिपा हुआ है, जिसकी उम्र 300 साल से भी ज्यादा है और इसे अंतरिक्ष से भी देखा जा सकता है! इस अद्भुत जीव की लंबाई 105 फीट और चौड़ाई 110 फीट है, जो इसे दुनिया का सबसे बड़ा मूंगा प्रवाल बनाता है. फिनलैंड से लेकर समुद्र के दूसरे हिस्सों तक, वैज्ञानिक अब इसकी खोज पर गहरा शोध कर रहे हैं. जानिए इस विशाल मूंगे के बारे में और भी हैरान कर देने वाली बातें!