T20 WC के फाइनल में डेरिल मिचेल पर अर्शदीप सिंह को तेज थ्रो करना पड़ा महंगा , ICC ने सुनाई कड़ी सजा

अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में ICC टी20 वर्ल्ड कप फाइनल के दौरान अर्शदीप सिंह ने डेरिल मिचेल पर तेज गेंद फेका था, जिसके बाद अब आईसीसी ने अर्शदीप के खिलाफ अनुशासन भंग करने के आरोप में मैच फीस का 15 फीसदी जुर्माना लगाया है. इसके साथ ही उनके रिकॉर्ड में एक डिमेरिट पॉइंट भी जोड़ा है.

Utsav Singh
Edited By: Utsav Singh

ICC Fine Arshdeep Singh : टी20 वर्ल्ड कप 2026 के रोमांचक फाइनल मुकाबले में जहां टीम इंडिया ने जीत का परचम लहराया. वहीं स्टार गेंदबाज अर्शदीप सिंह के लिए एक कड़वी खबर सामने आई है. आईसीसी ने अनुशासन भंग करने के आरोप में भारतीय तेज गेंदबाज पर मैच फीस का 15 प्रतिशत जुर्माना ठोंक दिया है. यह कार्रवाई रविवार को न्यूजीलैंड के खिलाफ खिताबी मैच के दौरान हुई एक अप्रिय घटना के बाद की गई है. इस कड़े फैसले ने क्रिकेट जगत में खेल भावना और अनुशासन को लेकर एक नई बहस छेड़ दी है.

11वें ओवर के दौरान हुई थी घटना 

दरअसल, मैदान पर यह विवाद न्यूजीलैंड की पारी के 11वें ओवर में उस समय शुरू हुआ जब अर्शदीप सिंह अपनी सटीक गेंदबाजी से कीवियों पर दबाव बना रहे थे. ओवर की एक गेंद को सफलतापूर्वक फील्ड करने के बाद अर्शदीप ने अचानक उसे बल्लेबाज डेरिल मिचेल की ओर बहुत ही तेजी से थ्रो कर दिया. गेंद सीधे मिचेल के पैड पर जाकर लगी. जिसे आईसीसी के नियमों के अनुसार खतरनाक और अनुचित व्यवहार माना जाता है. मैदान पर मौजूद अंपायरों ने तुरंत इस आक्रामक व्यवहार को गंभीरता से नोट किया.

आईसीसी ने लिया कड़ा एक्शन 

अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट काउंसिल (आईसीसी) ने इस मामले की गहन समीक्षा की और अर्शदीप सिंह को आचार संहिता के आर्टिकल 2.9 का उल्लंघन करने का सीधा दोषी पाया. यह विशेष नियम अंतरराष्ट्रीय मैचों के दौरान किसी खिलाड़ी या उपकरण की ओर खतरनाक तरीके से गेंद फेंकने पर कड़े प्रतिबंध लगाता है. सजा के तौर पर उन पर मैच फीस का 15 प्रतिशत वित्तीय जुर्माना लगाया गया है. अर्शदीप ने अपनी गलती स्वीकार कर ली है. इसलिए इस मामले में अब किसी भी प्रकार की औपचारिक सुनवाई की आवश्यकता नहीं पड़ी.

डिमेरिट पॉइंट का बड़ा झटका

वित्तीय जुर्माने के अलावा आईसीसी ने अर्शदीप सिंह के अनुशासन रिकॉर्ड में एक महत्वपूर्ण 'डिमेरिट पॉइंट' भी जोड़ दिया है. पिछले 24 महीनों के उनके शानदार करियर में यह इस तरह का पहला अनुशासन उल्लंघन दर्ज किया गया है. क्रिकेट के कड़े नियमों के अनुसार. यदि किसी खिलाड़ी के खाते में दो साल के भीतर चार या उससे अधिक डिमेरिट पॉइंट जमा हो जाते हैं. तो उसे सस्पेंशन पॉइंट में बदल दिया जाता है. जिसका गंभीर परिणाम भविष्य के मैचों से प्रतिबंध के रूप में भुगतना पड़ सकता है.

लेवल-1 उल्लंघन के नियम

आईसीसी की आचार संहिता के तहत लेवल-1 का उल्लंघन सबसे शुरुआती स्तर का अनुशासनहीनता मामला माना जाता है. इसमें दोषी पाए गए खिलाड़ियों को कम से कम आधिकारिक चेतावनी और अधिकतम 50 प्रतिशत मैच फीस के भारी जुर्माने का कड़ा प्रावधान है. इसके साथ ही खिलाड़ी को एक या दो डिमेरिट पॉइंट भी सजा के तौर पर दिए जाते हैं. अर्शदीप के मामले में उनकी आक्रामकता और मैदान की स्थिति को देखते हुए मैच रेफरी ने 15 फीसदी कटौती का अंतिम फैसला लिया है. यह एक चेतावनी है.

खेल भावना की एक झलक

मैदान पर हुए इस तीखे विवाद के बावजूद मैच के अंत में एक बहुत ही सुखद और सकारात्मक तस्वीर देखने को मिली. ओवर खत्म होने के बाद और फिर मैच के सफल समापन पर अर्शदीप सिंह और डेरिल मिचेल को आपस में मुस्कुराकर हाथ मिलाते हुए देखा गया. इससे यह संदेश गया कि मैदान की गरमा-गरमी केवल खेल की प्रतिस्पर्धा तक ही सीमित थी. हालांकि. आईसीसी की यह कड़ाई सुनिश्चित करती है कि क्रिकेट के मैदान पर किसी भी खिलाड़ी की सुरक्षा के साथ समझौता न किया जाए.

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