बांग्लादेश, नेपाल और श्रीलंका की तरह आंदोलन की जरूरत...अजय चौटाला का विवादित बयान, बीजेपी का पलटवार
अजय चौटाला के पड़ोसी देशों जैसा आंदोलन करने वाले बयान से हरियाणा की राजनीति गरमा गई है. भाजपा ने इसे लोकतंत्र विरोधी और खतरनाक सोच बताया, राहुल गांधी जैसी विचारधारा का आरोप लगाया, जबकि बयान को लेकर सियासी टकराव तेज हो गया है.

चंडीगढ़ः हरियाणा की राजनीति में एक बार फिर तीखी बयानबाज़ी ने माहौल गर्म कर दिया है. जननायक जनता पार्टी (जेजेपी) के राष्ट्रीय अध्यक्ष और पूर्व उपमुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला के पिता अजय चौटाला के एक विवादित बयान ने सियासी हलकों में हड़कंप मचा दिया है. विपक्षी दल बीजेपी ने इस बयान को लोकतंत्र के खिलाफ बताते हुए कड़ा विरोध दर्ज कराया है. इसे खतरनाक मानसिकता बताया.
युवा सम्मेलन में दिया गया विवादित बयान
महेंद्रगढ़ में आयोजित ‘युवा योद्धा सम्मेलन’ को संबोधित करते हुए अजय चौटाला ने ऐसा बयान दिया, जिसे लेकर राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया. अपने भाषण में उन्होंने पड़ोसी देशों का उदाहरण देते हुए कहा कि सत्ता में बैठे लोगों के खिलाफ उग्र आंदोलन की जरूरत पड़ेगी.
पड़ोसी देशों का हवाला देकर भड़काऊ टिप्पणी
अजय चौटाला ने अपने संबोधन में बांग्लादेश, नेपाल और श्रीलंका का जिक्र करते हुए कहा कि जिस तरह वहां सत्ता परिवर्तन हुआ, उसी तरह के आंदोलन की यहां भी जरूरत पड़ेगी. उन्होंने कथित तौर पर यह भी कहा कि शासकों को गद्दी से खींचकर सड़कों पर लाने जैसी भाषा का इस्तेमाल करना पड़ेगा. इस बयान को लेकर सियासी तापमान अचानक बढ़ गया.
बीजेपी का करारा जवाब
भाजपा की ओर से इस बयान पर तीखी प्रतिक्रिया सामने आई. वरिष्ठ भाजपा नेता कृष्ण बेदी ने अजय चौटाला पर सीधा हमला करते हुए कहा कि लोकतांत्रिक देश में इस तरह की सोच और भाषा की कोई जगह नहीं है. उन्होंने आरोप लगाया कि ऐसे बयान देश को अस्थिर करने वाली मानसिकता को दर्शाते हैं.
विचारधारा राहुल गांधी जैसी
कृष्ण बेदी ने तंज कसते हुए कहा कि जेजेपी नेता ताऊ देवीलाल की तस्वीरें लगाकर उनकी विरासत का हवाला देते हैं, लेकिन सोच कांग्रेस नेता राहुल गांधी जैसी दिखाई देती है. भाजपा नेता ने यह भी आरोप लगाया कि ऐसे बयानों के पीछे विदेशी ताकतों से प्रेरित सोच झलकती है, जो भारत की लोकतांत्रिक व्यवस्था को कमजोर करना चाहती है.
चुनावी प्रदर्शन पर भी साधा निशाना
भाजपा नेता ने अजय चौटाला और जेजेपी के जनाधार पर भी सवाल उठाए. उन्होंने कहा कि जिनकी पार्टी का हाल यह है कि अधिकांश सीटों पर जमानत ज़ब्त हो चुकी है, वे अब बड़े-बड़े आंदोलन की बातें कर रहे हैं. उन्होंने व्यंग्य करते हुए कहा कि जनता पहले ही उन्हें वोट की ताकत से जवाब दे चुकी है.
राजनीतिक स्थिरता पर सवाल
कृष्ण बेदी ने यह भी कहा कि जो लोग अपनी पार्टी और परिवार को एकजुट नहीं रख पा रहे हैं, वे देश की राजनीति में अराजकता फैलाने की बात कर रहे हैं. उनके अनुसार, ऐसे बयान सिर्फ सुर्खियों में बने रहने की कोशिश हैं और जनता इन्हें गंभीरता से नहीं लेती.
ताऊ देवीलाल की विरासत का मुद्दा
भाजपा ने अजय चौटाला के बयान को ताऊ देवीलाल की राजनीतिक विरासत के खिलाफ बताया. पार्टी का कहना है कि देवीलाल ने हमेशा लोकतंत्र, संविधान और शांतिपूर्ण आंदोलनों का समर्थन किया था. आपातकाल के दौर में उन्होंने लोकतंत्र की रक्षा के लिए संघर्ष किया, जबकि अजय चौटाला की भाषा हिंसा और अराजकता को बढ़ावा देने वाली प्रतीत होती है.
सियासत में बढ़ता टकराव
इस बयान के बाद हरियाणा की राजनीति में बयानबाजी और आरोप-प्रत्यारोप तेज हो गए हैं. आने वाले दिनों में यह मुद्दा और तूल पकड़ सकता है, खासकर जब राज्य में राजनीतिक गतिविधियां तेज़ हो रही हैं. अब देखना होगा कि अजय चौटाला अपने बयान पर सफाई देते हैं या विवाद और गहराता है.


