वृंदावन के केशव धाम में आरएसएस की बैठक शुरू, मोहन भागवत भी हुए शामिल; इन मुद्दों पर हो सकती है चर्चा

वृंदावन के केशव धाम में RSS की अखिल भारतीय केंद्रीय कार्यकारिणी बैठक मोहन भागवत की अध्यक्षता में शुरू हुई. शताब्दी वर्ष में हो रही इस बैठक में सामाजिक, राष्ट्रीय और संगठनात्मक मुद्दों पर गहन मंथन किया जा रहा है.

Yaspal Singh
Edited By: Yaspal Singh
Prem Kaushik
Reported By Prem Kaushik

वृंदावनः उत्तर प्रदेश के वृंदावन स्थित केशव धाम में सोमवार सुबह राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) की अखिल भारतीय केंद्रीय कार्यकारिणी की बेहद अहम बैठक की शुरुआत हो गई. संघ प्रमुख मोहन भागवत की अध्यक्षता में आयोजित यह बैठक 7 जनवरी तक चलेगी, जिसके बाद 8 और 9 जनवरी को दो दिवसीय एक और महत्वपूर्ण मंथन प्रस्तावित है. संघ की इस उच्चस्तरीय बैठक को संगठन के भविष्य की दिशा तय करने वाला माना जा रहा है.

संघ प्रमुख मोहन भागवत की मौजूदगी में बैठक शुरू

बता दें कि संघ प्रमुख मोहन भागवत रविवार को ही वृंदावन पहुंच गए थे. सोमवार सुबह उन्होंने स्वयं बैठक के पहले सत्र का उद्घाटन किया. इसके बाद संघ के शीर्ष नेतृत्व की मौजूदगी में विचार-विमर्श का क्रम शुरू हुआ. बैठक में सह-सर कार्यवाह, अखिल भारतीय संपर्क प्रमुख, प्रचार प्रमुख और अन्य वरिष्ठ पदाधिकारियों सहित लगभग 50 शीर्ष नेता भाग ले रहे हैं. बताया जा रहा है कि प्रतिदिन तीन सत्रों में विस्तृत चर्चा की जाएगी.

सुरक्षा के कड़े इंतजाम

इस महत्वपूर्ण बैठक को देखते हुए केशव धाम परिसर और उसके आसपास सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं. पुलिस और प्रशासन पूरी तरह सतर्क हैं. बैठक को पूरी तरह गोपनीय रखा गया है और मीडिया को कार्यक्रम स्थल से दूर रखा गया है. संघ की ओर से आधिकारिक रूप से बैठक के एजेंडे को सार्वजनिक नहीं किया गया है.

राष्ट्रीय मुद्दों पर मंथन

सूत्रों के मुताबिक, इस बैठक में देश से जुड़े कई अहम सामाजिक और राष्ट्रीय विषयों पर विचार किया जा रहा है. इनमें सामाजिक समरसता को और मजबूत करने, मोहल्ला स्तर पर हिंदू सम्मेलनों के आयोजन, विभिन्न राज्यों से हो रहे पलायन की समस्या, तथा पड़ोसी देशों में जारी हिंसा और अस्थिरता की स्थिति जैसे मुद्दे शामिल हैं. इसके अलावा संगठनात्मक विस्तार और समाज में संघ की भूमिका को और प्रभावी बनाने पर भी चर्चा संभव है.

शताब्दी वर्ष के कार्यक्रमों की समीक्षा

गौरतलब है कि यह बैठक संघ की स्थापना के शताब्दी वर्ष के दौरान हो रही है, जिससे इसका महत्व और बढ़ जाता है. माना जा रहा है कि बैठक में शताब्दी वर्ष के तहत अब तक आयोजित कार्यक्रमों की समीक्षा की जाएगी और आने वाले महीनों के लिए नई रणनीति बनाई जाएगी. संघ नेतृत्व इस मौके पर दीर्घकालिक लक्ष्यों और भावी योजनाओं पर भी विचार कर सकता है.

शीर्ष पदाधिकारियों की मजबूत मौजूदगी

केशव धाम में चल रही इस बैठक में संघ प्रमुख मोहन भागवत के अलावा सह-सर कार्यवाह कृष्ण गोपाल, मुकंद, अरुण कुमार, रामदत्त चक्रधर, अतुल लिमए, आलोक कुमार, अखिल भारतीय संपर्क प्रमुख रामलाल और अखिल भारतीय प्रचार प्रमुख सुनील आंबेकर सहित कई वरिष्ठ पदाधिकारी मौजूद हैं. इन सभी की भागीदारी से यह संकेत मिलता है कि बैठक में लिए जाने वाले निर्णय संगठन के लिए बेहद महत्वपूर्ण हो सकते हैं.

आने वाले दिनों में दिख सकता है असर

हालांकि बैठक के निष्कर्ष सार्वजनिक नहीं किए जाएंगे, लेकिन इसके प्रभाव आने वाले समय में संघ के कार्यक्रमों, सामाजिक अभियानों और संगठनात्मक गतिविधियों में स्पष्ट रूप से देखने को मिल सकते हैं. RSS की यह केंद्रीय कार्यकारिणी बैठक ऐसे समय में हो रही है, जब देश सामाजिक, राजनीतिक और सांस्कृतिक बदलाव के दौर से गुजर रहा है, और ऐसे में संघ की रणनीति पर सबकी नजरें टिकी हुई हैं.

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