बेंगलुरु की टूटी सड़कों पर युवक का फूटा गुस्सा, BBMP को भेजा 50 लाख का कानूनी नोटिस

बेंगलुरु के रिचमंड टाउन निवासी 43 वर्षीय व्यक्ति धिव्य किरण ने शहर की बदहाल सड़कों से परेशान होकर ब्रुहत बेंगलुरु महानगर पालिके (BBMP) को 50 लाख रुपये का कानूनी नोटिस भेजा है. उनका आरोप है कि खराब सड़कों और गहरे गड्ढों की वजह से उन्हें गर्दन और पीठ में गंभीर चोटें आईं, जिसके लिए उन्हें कई बार अस्पताल जाना पड़ा.

Deeksha Parmar
Edited By: Deeksha Parmar

बेंगलुरु के एक 43 वर्षीय व्यक्ति ने शहर की जर्जर सड़कों के कारण शारीरिक और मानसिक कष्ट झेलने का आरोप लगाते हुए ब्रुहत बेंगलुरु महानगर पालिका (BBMP) को 50 लाख रुपये का कानूनी नोटिस भेजा है. रिचमंड टाउन निवासी धिव्या किरण ने इस नोटिस में कहा है कि उन्होंने टैक्स चुकाने के बावजूद बुनियादी नागरिक सुविधाओं के अभाव में लगातार पीड़ा झेली है, जिसके लिए BBMP जिम्मेदार है.

किरण का आरोप है कि शहर की टूटी सड़कों, गहरे गड्ढों और असमान फुटपाथों ने उन्हें शारीरिक और मानसिक रूप से नुकसान पहुंचाया है. उनका दावा है कि BBMP की लापरवाही ने उन्हें एक सामान्य जीवन से वंचित कर दिया है और अब वह कानूनी कार्रवाई के माध्यम से न्याय चाहते हैं.

गड्ढों से झटकों के कारण रीढ़ और गर्दन में दर्द

नोटिस में धिव्या किरण ने बताया कि खराब सड़कों के कारण उन्हें गर्दन और पीठ में गंभीर दर्द शुरू हुआ, जिसकी पुष्टि चिकित्सा जांचों में हुई है. दर्द इतना अधिक था कि उन्हें पांच बार ऑर्थोपेडिक डॉक्टरों से मिलना पड़ा और चार बार सेंट फिलोमेना अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड में भर्ती होना पड़ा. इलाज के दौरान उन्हें इंजेक्शन और अन्य चिकित्सकीय प्रक्रियाएं करानी पड़ी.

मानसिक तनाव चरम पर

नोटिस में आगे कहा गया है कि उन्हें अब नींद नहीं आती, बार-बार दर्द में चिल्लाना पड़ता है और उन्हें गंभीर मानसिक तनाव का सामना करना पड़ रहा है. “मैं हर दिन दर्द, बेचैनी और चिंता के साथ जी रहा हूं,” नोटिस में कहा गया. किरण के अनुसार, इस हालत ने उनके व्यक्तिगत और पेशेवर जीवन को बुरी तरह प्रभावित किया है.

ऑटो और बाइक से सफर नामुमकिन

धिव्या किरण ने यह भी बताया कि अब वह टू-व्हीलर या ऑटो में यात्रा करने की स्थिति में नहीं हैं. यहां तक कि टैक्सी की यात्रा भी उनके लिए कष्टदायक हो गई है. इस वजह से उनकी मुक्त आवाजाही, कामकाज और निजी जीवन पर बुरा असर पड़ा है.

BBMP से 15 दिन में मुआवजे की मांग

नोटिस में BBMP से 15 दिन के भीतर 50 लाख रुपये के मुआवजे की मांग की गई है, जिसमें अब तक हुए और भविष्य में संभावित मेडिकल खर्च, मानसिक पीड़ा, शारीरिक तकलीफ, सामान्य जीवन की हानि, और डॉक्टरों के पास जाने के यात्रा खर्च शामिल हैं. साथ ही, 10,000 रुपये नोटिस भेजने के खर्च के रूप में अलग से मांगे गए हैं.

हाईकोर्ट और लोकायुक्त जाने की कही बात

धिव्या किरण ने BBMP को चेतावनी दी है कि अगर उन्हें समय पर जवाब नहीं मिला, तो वह कर्नाटक हाईकोर्ट में सिविल केस, जनहित याचिका (PIL), और राज्य मानवाधिकार आयोग व लोकायुक्त से भी संपर्क करेंगे. उन्होंने कहा, "मैं सिर्फ अपने लिए नहीं, बल्कि उन हजारों नागरिकों के लिए लड़ रहा हूं जो इन सड़कों से रोज़ गुजरते हैं और हर दिन दर्द झेलते हैं.

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