Himachal Landslide: मंडी में भूस्खलन से तीन की मौत, दो लोग सुरक्षित निकाले गए, बचाव कार्य जारी

हिमाचल प्रदेश के मंडी जिले के निहरी इलाके में भूस्खलन ने एक परिवार की जिंदगी उजाड़ दी. पास की चट्टान से गिरा भारी मलबा एक घर पर जा गिरा, जिससे घर पूरी तरह ढह गया. इस हादसे में तीन लोगों की जान चली गई जबकि दो अन्य को बचाव दल ने सुरक्षित निकाल लिया. मंडी की एसपी ने बताया कि बचाव टीमें तुरंत मौके पर पहुंचीं और राहत कार्य अभी भी जोर-शोर से चल रहा है. स्थानीय लोग और प्रशासन इस मुश्किल घड़ी में पीड़ितों के साथ खड़े हैं.

Goldi Rai
Edited By: Goldi Rai

Himachal Landslide: हिमाचल प्रदेश के मंडी जिले के निहरी क्षेत्र में भारी बारिश के बाद भूस्खलन से जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है. चट्टान खिसकने से एक घर दब गया, जिसमें तीन लोगों की मौत हो गई और दो को रेस्क्यू कर लिया गया है. एसपी साक्षी वर्मा ने जानकारी दी कि रेस्क्यू ऑपरेशन अब भी जारी है और बचाव दल मौके पर लगातार काम कर रहा है. उधर, धर्मपुर कस्बा इस आपदा से सबसे अधिक प्रभावित रहा, जहां उफनती सोन खड्ड नदी ने रातोंरात तबाही मचा दी. कई वाहन बह गए, सरकारी बसें डूब गईं और लोगों को छतों पर शरण लेनी पड़ी.

मंडी में भूस्खलन से मचा तबाही 

मंडी जिले के निहरी क्षेत्र में सोमवार देर रात एक दर्दनाक हादसा हुआ जब भारी बारिश के बाद एक चट्टान का मलबा एक घर पर गिर पड़ा. इस घटना में तीन लोगों की मौत हो गई, जबकि दो लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया. एसपी साक्षी वर्मा ने बताया कि बचाव कार्य जारी है और NDRF के साथ पुलिस की टीमें भी मौके पर हैं.


अधिकारी के अनुसार

डीसीपी धरमपुर के मुताबिक सोन खड्ड नदी के जलस्तर में अचानक तेजी हो हुई जिसने रात के समय पूरे क्षेत्र को अपनी चपेट में ले लिया. रात करीब 12 बजे पानी बस स्टैंड तक घुस गया, जिससे सरकारी बसें डूब गईं और दर्जनों निजी वाहन बह गए.  नदी किनारे बने घरों और दुकानों में पानी भरने से लोग छतों पर शरण लेने को मजबूर हो गए. एक हॉस्टल जिसमें 150 छात्र रहते थे वह भी जलमग्न हो गया. सभी छात्र ऊपरी मंजिलों पर चले गए फिलहाल सभी सुरक्षित हैं. डीएसपी संजीव सूद के नेतृत्व में पुलिस और बचाव टीमें लगातार राहत कार्य में जुटी हुई हैं.

हिमाचल में अब तक की मौतें

हिमाचल प्रदेश राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (SDMA) की रिपोर्ट के अनुसार 20 जून से शुरू हुए मानसून सीजन में अब तक राज्य में 404 लोगों की जान जा चुकी है. इनमें से 229 मौतें बारिश से संबंधित घटनाओं में और 175 सड़क हादसों में हुईं. मंडी जिले में अकेले बारिश जनित घटनाओं में 37 लोगों की मौत हुई है इसके बाद कांगड़ा (34), कुल्लू (31), चंबा (28) और शिमला (23) का स्थान है.

फिसलन और खराब सड़कों से दुर्घटनाएं बढ़ीं

एक रिपोर्ट में कहा गया है कि फिसलन, अस्थिर ढलान और बाधित सड़कों के कारण सड़क हादसों में काफी वृद्धि देखी गई है. मंडी और सोलन में सड़क हादसों में 24-24 मौतें दर्ज की गई हैं, वहीं चंबा में 22 और कांगड़ा में 21 मौतें हुई हैं.

देहरादून में बादल फटा

वही दूसरा तरफ उत्तराखंड के देहरादून में भी बादल फटने की घटना सामने आई है. इस पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह ने उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से बात कर हालात का जायजा लिया. सीएम ऑफिस (CMO) के अनुसार प्रधानमंत्री और गृह मंत्री ने हरसंभव सहायता का भरोसा दिलाया है. राहत और बचाव कार्य युद्धस्तर पर जारी हैं.

हिमालयी राज्यों में बारिश का तांडव

हिमाचल और उत्तराखंड एक बार फिर मानसून की मार से बुरी तरह प्रभावित हुए हैं. राज्य प्रशासन पूरी ताकत से राहत और बचाव कार्य में लगा है लेकिन जलवायु परिवर्तन और बेतरतीब निर्माण के चलते हर साल ऐसी आपदाएं अब और भी घातक होती जा रही हैं.

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