मैं बंगाल का ओवैसी...पश्चिम बंगाल में नई पार्टी लॉन्च करेंगे हुमायूं कबीर, बोले- 135 सीटों पर उम्मीदवार उतारूंगा

टीएमसी से निलंबित विधायक हुमायू कबीर ने बंगाल की राजनीति में हलचल मचा दी है. उन्होंने दावा किया कि AIMIM से उनकी बात हुई है, हालांकि, ओवैसी पहले ही इंकार कर चुके हैं. वहीं, कबीर का कहना है कि आने वाले दिनों में वे एक नई पार्टी बनाएंगे और 135 सीटों पर चुनाव लड़ेंगे. इसके साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि वह टीएमसी के मुस्लिम वोट बैंक को खत्म करना चाहते हैं.

Utsav Singh
Edited By: Utsav Singh

बंगाल : पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव भले अभी दूर हों, लेकिन राजनीतिक तापमान पहले से बढ़ने लगा है. टीएमसी से निलंबित विधायक हुमायूं कबीर अचानक सुर्खियों में हैं. उन्होंने दावा किया है कि वह हैदराबाद के सांसद असदुद्दीन ओवैसी की तर्ज पर बंगाल में एक नई राजनीतिक पार्टी बनाएंगे. कबीर ने खुद को “बंगाल का ओवैसी” तक कह दिया और दावा किया कि यह नई पार्टी राज्य के मुस्लिम मतदाताओं के बीच मजबूत पकड़ बनाएगी.

AIMIM से गठबंधन की बात, पर ओवैसी का इंकार

आपको बता दें कि हुमायूं कबीर ने मीडिया से बातचीत में कहा कि उन्होंने ओवैसी से बात की है और दोनों के बीच राजनीतिक समझ बनी है. उनके अनुसार, ओवैसी ने उन्हें ‘जुबान’ दी है कि वे साथ काम करेंगे. हालांकि, इससे उलट, ओवैसी पहले ही सार्वजनिक रूप से ऐसी किसी साझेदारी का खंडन कर चुके हैं. हुमायूं कबीर ने घोषणा की कि वे 10 दिसंबर को कोलकाता में संगठनात्मक समिति बनाएंगे और 22 दिसंबर को नई पार्टी का औपचारिक लॉन्च करेंगे. वहीं, कबीर का कहना है कि आने वाले दिनों में वे एक नई पार्टी बनाएंगे और 135 सीटों पर चुनाव लड़ेंगे. इसके साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि वह टीएमसी के मुस्लिम वोट बैंक को खत्म करना चाहते हैं. 

TMC के लिए संभावित चुनौती?
बाबरी मस्जिद शिलान्यास पर विवादित बयान देने के बाद टीएमसी ने हुमायूं कबीर को पार्टी से बाहर कर दिया था. अब उन्होंने खुलकर ममता सरकार के वोट बैंक को चुनौती देने का ऐलान कर दिया है. उनके मुताबिक, आगामी चुनाव में वे 135 सीटों पर उम्मीदवार खड़ा करेंगे खासकर वे क्षेत्र, जहाँ मुस्लिम आबादी निर्णायक भूमिका निभाती है. कबीर का दावा है कि वे “गेम-चेंजर” साबित होंगे और टीएमसी के पारंपरिक मुस्लिम समर्थन आधार को हिला देंगे.

क्या बदल सकती है बंगाल की चुनावी तस्वीर?
बंगाल में लगभग 27–28% मुस्लिम आबादी ममता बनर्जी का मजबूत वोट बैंक मानी जाती है. राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि अगर कबीर इस वोट प्रतिशत में केवल 5–7% की भी सेंध लगा लेते हैं, तो इससे तृणमूल कांग्रेस को चुनावी रणनीति में मुश्किलों का सामना करना पड़ सकता है. हालांकि, यह भी उतना ही सच है कि नई पार्टी बनाना और उसे जमीनी स्तर पर प्रभावशाली बनाना एक कठिन राजनीतिक चुनौती होगी.

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