कौन हैं ये IPS अधिकारी? जिसका महिलाओं के साथ गंदी हरकतें करते कैद हुआ अश्लील वीडियो
कर्नाटक के वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी के. रामचंद्र राव का अश्लील वीडियो अब विवादों में बुरी तरह घिर गया हैं. सोशल मीडिया पर 2017 का बताया जा रहा यह वायरल क्लिप, जिसमे युवक कई महिलाओं के साथ आपत्तिजनक स्थिति में नजर आ रहा है.

कर्नाटक के डीजीपी रैंक के वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी के. रामचंद्र राव अश्लील वीडियो मामले को लेकर गंभीर विवाद में घिरते नजर आ रहे हैं. मंगलवार को राज्य सरकार ने उन्हें निलंबित कर दिया. सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो को लेकर आरोप लगाए जा रहे हैं कि इनमें दिखाई देने वाला व्यक्ति के. रामचंद्र राव हैं, हालांकि इन वीडियो की आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है.
बताया जा रहा है कि ये कथित वीडियो वर्ष 2017 के हैं. वायरल क्लिप में एक युवक कई महिलाओं के साथ आपत्तिजनक स्थिति में नजर आ रहा है. इस पूरे मामले ने कर्नाटक की सियासत और प्रशासनिक हलकों में हलचल मचा दी है. मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने भी प्रकरण को गंभीरता से लेते हुए विस्तृत रिपोर्ट तलब की है.
निलंबन की कार्रवाई, बढ़ी सियासी हलचल
मंगलवार को के. रामचंद्र राव को निलंबित किए जाने के बाद यह मामला और तूल पकड़ गया है. आरोप है कि वायरल वीडियो में दिखाई देने वाला व्यक्ति वही हैं, हालांकि इस दावे की पूरी पुष्टि नहीं हुई है. प्रशासनिक स्तर पर मामले की जांच की तैयारी की जा रही है.
कौन हैं के. रामचंद्र राव
के. रामचंद्र राव 1993 बैच के भारतीय पुलिस सेवा (IPS) अधिकारी हैं. वह मई 2026 में सेवानिवृत्त होने वाले हैं. जानकारी के अनुसार, वह सोना तस्करी मामले में सजा काट रही अभिनेत्री रान्या राव के सौतेले पिता हैं.
राव पर इससे पहले भी बेटी रान्या की मदद करने के आरोप लग चुके हैं, जिसके बाद उन्हें छुट्टी पर भेज दिया गया था. वर्ष 2014 में सदर्न रेंज के आईजीपी रहते हुए उनका नाम एक विवादित धन जब्ती मामले में भी सामने आया था. साल 2023 में उन्होंने डीजीपी रैंक का पद संभाला था.
वायरल वीडियो पर राव का बयान
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, कर्नाटक के गृह मंत्री जी. परमेश्वर से मुलाकात के बाद के. रामचंद्र राव ने इन आरोपों पर प्रतिक्रिया दी. उन्होंने कहा कि वायरल बताए जा रहे वीडियो आठ साल पुराने हैं और उस समय वह बेलगावी में तैनात थे. राव ने इसे उनकी छवि खराब करने की साजिश बताया. उन्होंने कहा कि मैं 8 साल पहले बेलगावी में था, ये बहुत पुरानी बात है. हमने हमारे इसके बारे में वकील से बात की है और कार्रवाई कर रहे हैं. यह हमारे लिए बहुत हैरानी का विषय है. यह झूठा है. वीडियो पूरी तरह गलत हैं. मुझे नहीं पता कि क्या हुआ है. यह बगैर जांच के सामने नहीं आएगा. इसकी जांच की जानी चाहिए. गलत जानकारी फैलाई जा रही है.
वायरल वीडियो में क्या दिखने का दावा
सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे कुछ वीडियो में दावा किया जा रहा है कि एक कुर्सी पर बैठा अधिकारी कई महिलाओं के साथ आपत्तिजनक स्थिति में नजर आ रहा है. इन्हीं वीडियो को के. रामचंद्र राव से जोड़कर देखा जा रहा है.
इस पूरे मामले पर मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने कड़ी नाराजगी जताई है और प्रकरण की विस्तृत रिपोर्ट मांगी है. अब सभी की नजरें जांच की दिशा और आने वाली आधिकारिक कार्रवाई पर टिकी हुई हैं.


