अश्लील वीडियो सामने आने के बाद कर्नाटक DGP रामचंद्र राव सस्पेंड, फिर चर्चा में बेटी रान्या राव का स्मगलिंग केस
कर्नाटक सरकार ने सोशल मीडिया पर वायरल कथित आपत्तिजनक वीडियो के बाद वरिष्ठ IPS अधिकारी रामचंद्र राव को निलंबित कर दिया है. सरकार ने निष्पक्ष जांच के आदेश दिए हैं, जबकि राव ने आरोपों को फर्जी और साजिश बताया है.

बेंगलुरु: कर्नाटक सरकार ने वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी और डीजीपी (सिविल राइट्स एन्फोर्समेंट) पद पर तैनात रामचंद्र राव को निलंबित कर दिया है. यह कदम सोशल मीडिया पर उनके कथित आपत्तिजनक वीडियो सामने आने के बाद उठाया गया. सोमवार को कई छोटी-छोटी वीडियो क्लिप्स इंटरनेट पर तेजी से फैलीं, जिनमें राव पर अनुचित आचरण के आरोप लगाए गए. वीडियो वायरल होते ही प्रशासनिक और राजनीतिक हलकों में हलचल मच गई.
कर्नाटक के DGP के. रामचंद्र राव का महिला के साथ अश्लील हरकत करते वीडियो वायरल
— Manoj Singh (@PracticalSpy) January 19, 2026
जब डीजीपी ऐसा है तो कानून व्यवस्था का क्या ही कहना pic.twitter.com/8wrysJ6hta
मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए राज्य सरकार ने तत्काल निलंबन का आदेश दिया. सरकार की ओर से संकेत दिए गए हैं कि पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कराई जाएगी और आगे की कार्रवाई जांच रिपोर्ट के आधार पर तय होगी. अधिकारियों का कहना है कि आरोप गंभीर हैं और इन्हें हल्के में नहीं लिया जा सकता.
रामचंद्र राव ने आरोपों से किया इनकार
निलंबन के बाद रामचंद्र राव ने सभी आरोपों को सिरे से खारिज किया है. उन्होंने कहा कि वायरल वीडियो पूरी तरह फर्जी और मनगढ़ंत हैं. कर्नाटक के गृह मंत्री जी. परमेश्वर के आवास के बाहर मीडिया से बातचीत में राव ने दावा किया कि आज के समय में किसी की भी छवि खराब करने के लिए नकली वीडियो बनाए जा सकते हैं. उनके मुताबिक, यह उनकी साख को नुकसान पहुंचाने की साजिश हो सकती है.
रिपोर्ट्स में यह भी दावा किया गया कि वीडियो कई साल पुराने हो सकते हैं. इस पर 1993 बैच के आईपीएस अधिकारी रामचंद्र राव ने कहा कि अगर पुराने होने की बात करें तो करीब आठ साल पहले, जब वे बेलगावी में तैनात थे, का समय बताया जा रहा है. हालांकि उन्होंने दोहराया कि इन वीडियो से उनका कोई संबंध नहीं है. वायरल क्लिप्स के बाद उन्होंने गृह मंत्री से मिलने की कोशिश की, लेकिन मुलाकात नहीं हो सकी.
मुख्यमंत्री का सख्त संदेश
मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने मामले को गंभीर बताते हुए जांच के आदेश दिए हैं. उन्होंने कहा कि कानून से ऊपर कोई नहीं है, चाहे व्यक्ति किसी भी पद पर क्यों न हो. मुख्यमंत्री के अनुसार, उन्हें इस प्रकरण की जानकारी सुबह मिली और सरकार निष्पक्ष जांच कराकर सच्चाई सामने लाएगी.
बेटी रान्या राव का स्मगलिंग केस फिर चर्चा में
रामचंद्र राव का नाम इससे पहले भी चर्चा में आ चुका है, जब उनकी बेटी और अभिनेत्री रान्या राव को एक बड़े गोल्ड स्मगलिंग मामले में गिरफ्तार किया गया था. मार्च 2025 में दुबई से लौटते समय रान्या राव के पास से 14.8 किलो सोने की छड़ें बरामद हुई थीं, जिनकी कीमत करीब 12.56 करोड़ रुपये बताई गई थी.
गिरफ्तारी के बाद जांच एजेंसियों ने बेंगलुरु के लवेल रोड स्थित उनके आवास पर छापेमारी की थी. इस दौरान करीब 2.06 करोड़ रुपये के सोने-चांदी के आभूषण और लगभग 2.67 करोड़ रुपये नकद बरामद किए गए थे. इस मामले में जब रामचंद्र राव के कथित संबंधों को लेकर सवाल उठे, तो राज्य सरकार ने उन्हें उस समय छुट्टी पर भेज दिया था. हालांकि, करीब पांच महीने बाद उनकी सेवा बहाल कर दी गई थी.


