स्कूल भर्ती घोटाला: TMC नेता ने कान पकड़कर मांगी माफी, नेताओं पर लगाए रुपए लेने के आरोप
तामलुक में टीएमसी पार्षद पार्थसारथी मैती ने स्कूल भर्ती घोटाले में अपनी ही पार्टी के नेताओं पर आरोप लगाए हैं. उन्होंने सार्वजनिक रूप से माफी मांगते हुए दावा किया कि इस घोटाले में टीएमसी के कुछ बड़े नाम शामिल हैं. मैती ने बीजेपी नेता शुभेंदु अधिकारी का नाम लेते हुए मामले को और गर्मा दिया. जिससे सियासी हलकों में हलचल मच गई है.

West Bengal School Recruitment Scam: पश्चिम बंगाल में स्कूल भर्ती घोटाले को लेकर तृणमूल कांग्रेस (TMC) की मुश्किलें बढ़ती ही जा रही हैं. मेदिनीपुर जिले से टीएमसी पार्षद पार्थसारथी मैती का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है. जिसमें वे कान पकड़कर उठक-बैठक करते हुए अपनी ही पार्टी के नेताओं की चुप्पी और मिलीभगत पर जनता से माफी मांग रहे हैं.
तामलुक नगर पालिका के वार्ड संख्या 10 से पार्षद और पेशे से वकील पार्थसारथी मैती इस वायरल वीडियो में एक खाली कमरे के कोने में खड़े दिखाई देते हैं. रुंधी हुई आवाज में वे कहते हैं हमारे जिले के नेताओं ने रुपये लिए लेकिन बोल नहीं रहे हैं.
वीडियो में पार्थसारथी मैती ने क्या कहा?
पार्थसारथी मैती ने वीडियो में कहा कि विपक्ष के नेता शुभेंदु अधिकारी सिर्फ इसलिए बड़े-बड़े भाषण दे रहे हैं क्योंकि टीएमसी का शीर्ष नेतृत्व खामोश है. उन्होंने आगे कहा कि मैं उनकी तरफ से माफी मांगता हूं. गौरतलब है कि शुभेंदु अधिकारी दिसंबर 2020 में विधानसभा चुनाव से पहले टीएमसी छोड़कर भाजपा में शामिल हो गए थे.
आजादी और आंदोलनों की धरती है. लेकिन आज शुभेंदु गर्व से घूम रहे हैं क्योंकि हमारे कुछ नेताओं ने उनकी मदद की. शर्म की बात है कि जिले के सभी नेता जानते हैं कि सरगना कौन है फिर भी कोई बोलने की हिम्मत नहीं करता.
पूर्वी मेदिनीपुर में नेताओं पर गंभीर आरोप
पार्षद मैती ने आरोप लगाया कि पूर्वी मेदिनीपुर, जिसे अधिकारी का गढ़ माना जाता है, वहां 2016 में अयोग्य शिक्षकों की अवैध नियुक्तियों में टीएमसी नेताओं के एक वर्ग ने मदद की. वही लोग अब इस घोटाले के मास्टरमाइंड को बचाने में जुटे हैं जबकि सभी जानते हैं कि असली दोषी कौन है.
सुप्रीम कोर्ट का फैसला
अप्रैल में सुप्रीम कोर्ट ने 2016 की भर्ती प्रक्रिया में खामियां पाते हुए करीब 26,000 शिक्षकों और गैर-शिक्षण कर्मचारियों की नियुक्तियों को रद्द कर दिया. इस घोटाले के उजागर होने के बाद से ही बंगाल की सत्तारूढ़ पार्टी टीएमसी को कड़ी आलोचना का सामना करना पड़ रहा है.
जनभावना टाइम्स इस वायरल वीडियो की सत्यता की पुष्टि नहीं करता है


