बुर्का हो या घूंघट दिखाना पड़ेगा चेहरा, नहीं तो...जानें झांसी में सर्राफा व्यापारियों का बड़ा फैसला
झांसी के सीपरी बाजार में सोने-चांदी की बढ़ती चोरी और कीमतों के बीच सर्राफा व्यापारियों ने सुरक्षा के लिए नया नियम लागू किया है. अब नकाबपोश ग्राहकों को आभूषण नहीं बेचा जाएगा. दुकानों में पोस्टर लगाकर चेहरे खोलकर प्रवेश करने का आग्रह किया गया है.

उत्तर प्रदेश : झांसी के सीपरी बाजार में सोने-चांदी के बढ़ते दामों और चोरी की बढ़ती घटनाओं को देखते हुए सर्राफा व्यापारियों ने सुरक्षा के दृष्टिकोण से एक नया कड़ा नियम लागू किया है. अब किसी भी नकाबपोश ग्राहक को आभूषण नहीं बेचा जाएगा. यह फैसला सामूहिक रूप से व्यापार मंडल द्वारा लिया गया है, जिसमें पुलिस की सहमति भी शामिल रही. दुकानों के अंदर और बाहर पोस्टर लगाकर ग्राहकों को स्पष्ट रूप से चेहरा खोलकर प्रवेश करने के लिए कहा गया है.
#WATCH | Jhansi, Uttar Pradesh: To prevent theft incidents amidst rising gold and silver prices, jewellers in the Sipri Bazaar area have pasted notices stating that they will not allow people with covered faces in the shop.
— ANI (@ANI) January 5, 2026
Uday Soni, President, Sarafa Sipri Bazaar, Jhansi,… pic.twitter.com/ZKeCR2YFo4
व्यापारियों का मानना है कि नकाब की आड़ में होने वाली घटनाओं में आरोपियों की पहचान करना बेहद कठिन हो जाता है, जिससे न केवल चोरी की घटनाओं में तेजी आती है, बल्कि कानून व्यवस्था भी प्रभावित होती है.
सुरक्षा को प्राथमिकता
आपको बता दें कि सर्राफा व्यापार मंडल के अध्यक्ष उदय सोनी ने कहा कि सोने-चांदी के बढ़ते भाव के साथ ही आपराधिक घटनाओं में भी वृद्धि हुई है. इसी कारण यह निर्णय लिया गया कि किसी भी ग्राहक चाहे वह बुर्का पहनता हो या घूंघट में हो, उसे अपना चेहरा खोलकर ही दुकानों में प्रवेश करना होगा. यदि कोई ग्राहक सम्मानपूर्वक अनुरोध करने के बावजूद अपना चेहरा नहीं खोलता है, तो उसे जेवर नहीं दिखाए जाएंगे. व्यापारियों का यह मानना है कि सुरक्षा बिक्री से अधिक महत्वपूर्ण है.
पोस्टर लगाकर ग्राहकों को जागरूक किया जा रहा
महिला ज्वेलर ममता ने बताया कि दुकानों पर पोस्टर लगाकर ग्राहकों को जागरूक किया जा रहा है. नकाब की आड़ में होने वाली घटनाओं से बचने के लिए यह कदम आवश्यक हो गया था. उन्होंने कहा कि अक्सर नकाबपोश लोग चोरी या अन्य वारदातों को अंजाम देने के बाद आसानी से निकल जाते हैं और सीसीटीवी कैमरों में भी उनकी पहचान नहीं हो पाती. अब यह सुनिश्चित किया जाएगा कि कोई भी लेनदेन केवल तभी होगा जब ग्राहक की पहचान स्पष्ट रूप से की जा सके.
सुरक्षा अब व्यापार का अभिन्न हिस्सा
इस कदम के पीछे व्यापारी यह संदेश देना चाहते हैं कि सुरक्षा अब व्यापार का अभिन्न हिस्सा बन गई है. सीपरी बाजार में यह नियम ग्राहकों और व्यापारियों दोनों के लिए सुरक्षा की गारंटी देने के उद्देश्य से लागू किया गया है. भविष्य में यह उम्मीद की जा रही है कि इससे चोरी और अन्य आपराधिक घटनाओं में कमी आएगी और बाजार में खरीदार और विक्रेता दोनों को विश्वास और सुरक्षा का माहौल मिलेगा.
यह पहल न केवल झांसी के सर्राफा बाजार के लिए, बल्कि अन्य क्षेत्रों में भी सुरक्षा के लिए एक उदाहरण बन सकती है, जिससे नकाबपोश अपराधियों को किसी भी व्यापारिक लेनदेन में बाधा महसूस होगी.


