AI Impact Summit 2026: हेल्थकेयर में AI का होगा धमाका! आज चाइल्ड सेफ्टी से लेकर हेल्थकेयर तक होंगे कई बड़े ऐलान

दिल्ली में AI Impact Summit 2026 की शुरुआत सोमवार को हो चुकी है. पहले दिन पीएम मोदी ने इसका उद्घाटन किया और आज भारत मंडपम में दूसरा दिन है.

Sonee Srivastav

AI Impact Summit 2026: आज समिट का दूसरा दिन है. कल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारत मंडपम में AI Impact Expo का उद्घाटन किया था. इस एक्सपो में लगभग 300 प्रदर्शनियां लगी हैं, जहां AI के फायदे और प्रभाव दिखाए जा रहे हैं.

एक खास जियों संस्कृति प्रदर्शनी में महाभारत और रामायण के पात्रों के डिजिटल अवतार हॉलोग्राम के जरिए संस्कृत में बोलते हैं और हिंदी अनुवाद के साथ जीवन की सीख देते हैं. यह AI का मजेदार और उपयोगी इस्तेमाल है.

ग्रामीण महिलाओं के लिए AI की ताकत

आज का पहला सत्र 'Tata AI Sakhi Immersion Program' रहा. टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज की श्री विद्या मुरलीधरन ने बताया कि 1,600 ग्रामीण महिलाओं को स्मार्टफोन पर AI का उपयोग सिखाया गया है. वे अब आसानी से काम की जानकारी खोज सकती हैं और रोजमर्रा की जिंदगी बेहतर बना सकती हैं. यह कार्यक्रम AI को समाज के हर वर्ग तक पहुंचाने का अच्छा उदाहरण है.

समाज के भले के लिए AI

दूसरा सत्र 'AI For Social Good' पूरे दिन चलेगा. इसमें रिसर्चर और नीति निर्माता शामिल होंगे. चर्चा होगी कि AI से बेहतर सेवाएं आम लोगों तक कैसे पहुंचाई जा सकती हैं. स्वास्थ्य, शिक्षा और अन्य क्षेत्रों में AI का सकारात्मक प्रभाव देखा जाएगा.

स्वास्थ्य क्षेत्र में बड़ा कदम

आज स्वास्थ्य क्षेत्र में महत्वपूर्ण ऐलान होने की उम्मीद है. केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा 'Strategy for Artificial Intelligence in Healthcare for India (SAHI)' और 'Benchmarking Open Data Platform for Health AI (BODH)' लॉन्च कर सकते हैं.

ये पहल AI को स्वास्थ्य सेवाओं में सुरक्षित और नैतिक तरीके से इस्तेमाल करने के लिए हैं. इससे डायग्नोसिस बेहतर होगी और मरीजों की देखभाल आसान बनेगी.

बच्चों की सुरक्षा पर फोकस

समिट में बच्चों की सुरक्षा एक बड़ा मुद्दा है. एक सत्र 'Children Safety' पर केंद्रित है. पैनल में विशेषज्ञों ने कहा कि AI युग में बच्चों की सुरक्षा के लिए कुछ जरूरी कदम उठाने होंगे. AI से बने कंटेंट को साफ पहचानना चाहिए ताकि बच्चे जान सकें कि वे AI से बात कर रहे हैं या इंसान से.

गलत कंटेंट से बचाव और सुरक्षित डिजिटल माहौल बनाने पर जोर दिया जा रहा है. UNICEF की प्रतिनिधि ने भी सुरक्षित और समावेशी AI की मांग की.

AI वैल्यू पर होगी बात 

अन्य सत्रों में इंफ्रास्ट्रक्चर, हाई परफॉर्मेंस डेटा सेंटर्स और सोसाइटी के लिए AI वैल्यू पर बात होगी. जोर है कि इनोवेशन जिम्मेदारी के साथ हो. आज के सत्र समाज, स्वास्थ्य और बच्चों की सुरक्षा को AI से जोड़कर देख रहे हैं. 

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