'मैं गिड़गिड़ाया लेकिन...', राजपाल यादव केस में बड़ा खुलासा, 5 करोड़ देने वाले बिजनेसमैन ने रोते हुए क्या कहा?

बॉलीवुड के मशहूर कॉमेडियन राजपाल यादव को साल 2010 में फिल्म 'अता पता लापता' के लिए 5 करोड़ रुपये उधार देने वाले बिजनेसमैन माधव गोपाल अग्रवाल ने आखिरकार चुप्पी तोड़ी है. पहली बार कैमरे के सामने आकर उन्होंने सालों पुरानी इस कहानी का पूरा सच बताया, जो सबको चौंका रहा है.

Goldi Rai
Edited By: Goldi Rai

दिल्ली हाई कोर्ट ने अभिनेता राजपाल यादव को चेक बाउंस मामले में अंतरिम जमानत दे दी है. इसी बीच, राजपाल यादव पर मुकदमा करने वाली कंपनी मुरली प्रोजेक्ट्स प्राइवेट लिमिटेड के मालिक माधव गोपाल अग्रवाल ने पहली बार मीडिया के सामने आकर अपना पक्ष रखा है. उन्होंने मीडिया को दिए इंटरव्यू में खुलासा किया कि साल 2010 में सांसद मिथिलेश कुमार कठेरिया के कहने पर उन्होंने राजपाल यादव को फिल्म 'अता पता लापता' के लिए 5 करोड़ रुपये दिए थे. माधव गोपाल अग्रवाल ने दावा किया कि राजपाल यादव ने पर्सनल गारंटी दी थी और कई बार सप्लीमेंट्री एग्रीमेंट बनवाए गए, लेकिन पैसे वापस नहीं किए गए.

माधव गोपाल अग्रवाल ने बताया कि शुरू में उन्होंने पैसे देने से इनकार कर दिया था, लेकिन राजपाल यादव की पत्नी राधा यादव के मैसेज और इमोशनल प्रेशर के चलते उन्होंने यह रकम दे दी. फिल्म फ्लॉप होने और चेक बाउंस होने के बाद मामला कोर्ट पहुंचा, जहां 10.40 करोड़ पर सेटलमेंट हुआ, लेकिन वह भी पूरा नहीं हुआ. अब माधव गोपाल अग्रवाल ने कहा कि राजपाल यादव के जेल जाने से उनकी नाक ऊंची नहीं हुई, उन्हें सिर्फ अपना पैसा चाहिए.

माधव गोपाल अग्रवाल ने क्या कहा?

माधव गोपाल अग्रवाल ने मीडिया को दिए इंटरव्यू में बताया कि राजपाल यादव, सांसद मिथिलेश कुमार कठेरिया के जरिए उनसे से मिलने आए थे. उन्होंने कहा था कि हमारी फिल्म 'अता पता लापता' इतनी बन गई है और अगर अभी हमें कुछ पैसे नहीं मिले तो हम बर्बाद हो जाएंगे. पहले तो माधव गोपाल अग्रवाल ने पैसे देने से मना कर दिया था. हालांकि, मना करने के बाद राजपाल यादव की पत्नी राधा यादव उन्हें मैसेज करने लगीं. ऐसे में उन्होंने इमोशनल प्रेशर में आकर राजपाल यादव को पैसे दे दिए.

एग्रीमेंट पर क्या लिखा था?

माधव गोपाल अग्रवाल का कहना है कि एग्रीमेंट में साफ-साफ शब्दों में लिखा हुआ है कि चाहे फिल्म चले या न चले, सेंसर बोर्ड से सर्टिफिकेट मिले या न मिले, आंधी आए चाहे तूफान हमारा उससे कोई लेना-देना नहीं होगा. आप तय रकम तय समय पर हमें लौटाएंगे.

पर्सनल गारंटी: माधव गोपाल अग्रवाल ने कहा कि एग्रीमेंट साइन करते वक्त इन्होंने पर्सनल गारंटी भी दी थी. ये सब इसलिए बता रहा हूं क्योंकि हमने कई जगहों पर पढ़ा कि राजपाल यादव कह रहे हैं कि हमने निवेश किया था. जब निवेश करते हैं तब पर्सनल गारंटी नहीं दी जाती और न चेक दिए जाते हैं.

कितनी बार बने सप्लीमेंट्री एग्रीमेंट

माधव गोपाल अग्रवाल ने चेक जमा करने से पहले राजपाल यादव को कॉल किया. उन्होंने कहा कि अभी पैसे नहीं हैं. माधव गोपाल अग्रवाल ने सप्लीमेंट्री एग्रीमेंट बनवाए और राजपाल यादव से नए चेक लिए. ऐसे करते-करते तीन बार सप्लीमेंट्री एग्रीमेंट बने.

फिल्म की रिलीज पर लगी रोक

फिर माधव गोपाल अग्रवाल को न्यूज से पता चला कि अमिताभ बच्चन ने 'अता पता लापता' का म्यूजिक लॉन्च किया है. एग्रीमेंट के मुताबिक, राजपाल यादव को फिल्म बनने के बाद माधव गोपाल अग्रवाल को फिल्म के नेगेटिव और पैसे देने थे. ऐसे में माधव गोपाल अग्रवाल ने कोर्ट का रुख किया और फिल्म की रिलीज पर रोक लग गई. राजपाल यादव ने कहा कि जब तक फिल्म रिलीज नहीं होगी पैसे नहीं दे पाएंगे. फिर माधव गोपाल अग्रवाल ने सेटलमेंट किया और फिल्म की रिलीज पर लगी रोक हटवा दी. हालांकि, फिल्म बॉक्स ऑफिस पर फेल हो गई.

साल 2013: जब कोई हल नहीं निकला

साल 2013: जब कोई हल नहीं निकला तब माधव गोपाल अग्रवाल ने कोर्ट का रुख किया. एग्रीमेंट के मुताबिक, राजपाल यादव को हमें बहुत ज्यादा पैसे देने थे, लेकिन दिल्ली हाई कोर्ट के कहने पर हमने 10.40 करोड़ पर सेटलमेंट कर लिया. राजपाल यादव ने कोर्ट में 10.40 करोड़ के चेक जमा किए और सब बाउंस हो गए. यहीं से चेक बाउंस होने की प्रक्रिया शुरू हुई.

क्यों गिड़गिड़ाना पड़ा?

माधव गोपाल अग्रवाल बोले- शुरुआत में जब कोर्ट में मामला नहीं गया था तब मैं इनके घर भी गया था. दो बार तो मैं बच्चों की तरह रोया हूं इनके सामने क्योंकि हम न इतने बड़े आदमी हैं और न पैसे वाले हैं. हमने तो इनकी मदद ये सोचकर कर दी थी कि एक्टर हैं पैसे मिल जाएंगे. मैंने गिड़गिड़ाया कि जो डेट कहोगे उस डेट का सप्लीमेंट्री एग्रीमेंट बनवाऊंगा. मैंने भी लोगों से पैसे लेकर आपको दिए हैं. इन्होंने हर बार यही कहा कि इस बार चेक बाउंस नहीं होंगे.

राजपाल यादव के जेल जाने पर किया रिएक्ट

माधव गोपाल अग्रवाल बोले- राजपाल यादव के जेल जाने से हमारी नाक ऊंची नहीं हुई. हमारा तो बिजनेस है. हमें तो पैसे चाहिए. अब कोर्ट की वो प्रक्रिया है तो कुछ कर नहीं सकते.

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