रूम हीटर या वॉल-माउंटेड पैनल हीटर, आपकी जरूरत के हिसाब से क्या है बेहतर?
सर्दियों में घर को गर्म करने का सबसे अच्छा तरीका सिर्फ़ मौसम पर ही नहीं, बल्कि इस बात पर भी निर्भर करता है कि घर का इस्तेमाल कैसे किया जाता है। कुछ घरों को कम समय के लिए तेज़ी से गर्मी की ज़रूरत होती है, जबकि दूसरों को ज़्यादा समय तक एक जैसा तापमान बनाए रखने की ज़रूरत होती है। इसीलिए रूम हीटर और दीवार पर लगने वाले पैनल हीटर के बीच तुलना करना ज़रूरी हो जाता है।

नई दिल्ली: सर्दियों में घर को गर्म रखने का तरीका सिर्फ मौसम पर नहीं, बल्कि इस बात पर भी निर्भर करता है कि घर का इस्तेमाल कैसे किया जाता है. कोई घर ऐसा होता है जहां थोड़े समय के लिए तुरंत गर्मी चाहिए, तो कहीं लंबे समय तक एक समान तापमान बनाए रखना जरूरी होता है. इसी वजह से रूम हीटर और वॉल-माउंटेड पैनल हीटर के बीच तुलना अहम हो जाती है. दोनों का मकसद ठंड से राहत देना है, लेकिन इनका काम करने का तरीका और रोजमर्रा की जिंदगी पर असर काफी अलग है.
रूम हीटर: तुरंत गर्मी और आसान इस्तेमाल
रूम हीटर उन लोगों के लिए फायदेमंद होते हैं जिन्हें जल्दी गर्मी चाहिए. जैसे ही इन्हें चालू किया जाता है, कुछ ही मिनटों में असर महसूस होने लगता है. यही कारण है कि बेडरूम, स्टडी रूम या थोड़े समय के इस्तेमाल के लिए रूम हीटर लोकप्रिय हैं.
रूम हीटर कई तरह के होते हैं—फैन हीटर, ऑयल-फिल्ड रेडिएटर और हैलोजन या क्वार्ट्ज हीटर. फैन हीटर जल्दी गर्म हवा फैलाते हैं, जबकि ऑयल-फिल्ड हीटर देर तक गर्मी बनाए रखते हैं. हालांकि ज्यादातर रूम हीटर पूरे कमरे में समान तापमान नहीं बना पाते. हीटर के पास ज्यादा गर्मी और दूर ठंडक महसूस हो सकती है.
इनकी सबसे बड़ी खासियत पोर्टेबिलिटी है. इन्हें एक कमरे से दूसरे कमरे में आसानी से ले जाया जा सकता है, जिससे सिर्फ उसी जगह गर्मी मिलती है जहां जरूरत हो. लेकिन यही सुविधा सुरक्षा का सवाल भी खड़ा करती है. बच्चों और पालतू जानवरों वाले घरों में हीटर की सही जगह और स्थिरता पर खास ध्यान देना पड़ता है.
वॉल-माउंटेड पैनल हीटर: लंबे समय का आराम
वॉल-माउंटेड पैनल हीटर बिल्कुल अलग सोच के साथ डिजाइन किए जाते हैं. ये तुरंत तेज गर्मी देने के बजाय लंबे समय तक एक समान तापमान बनाए रखते हैं. ये दीवार पर फिक्स होते हैं और धीरे-धीरे कमरे में गर्म हवा फैलाते हैं.
इनमें कन्वेक्शन प्रक्रिया के जरिए ठंडी हवा नीचे से अंदर जाती है और गर्म होकर ऊपर की ओर फैलती है, जिससे कमरे में संतुलित गर्मी मिलती है. यह तरीका खासकर लिविंग रूम, बेडरूम और होम ऑफिस के लिए उपयुक्त है, जहां लंबे समय तक आरामदायक तापमान चाहिए.
पैनल हीटर की स्थापना स्थायी होती है, इसलिए ये किराए के घरों या बार-बार जगह बदलने वालों के लिए सही नहीं हैं. लेकिन एक बार लग जाने पर ये फर्श की जगह बचाते हैं और कमरे को साफ-सुथरा रखते हैं.
ऊर्जा दक्षता इनके पक्ष में जाती है. इनमें डिजिटल थर्मोस्टेट, टाइमर और तापमान सेंसर होते हैं, जो जरूरत के मुताबिक बिजली खर्च को नियंत्रित करते हैं. सुरक्षा के लिहाज से भी ये बेहतर माने जाते हैं, क्योंकि इनकी बाहरी सतह अपेक्षाकृत ठंडी रहती है और टिप-ओवर का खतरा नहीं होता.
अगर आपको थोड़े समय के लिए तुरंत गर्मी चाहिए और लचीलापन जरूरी है, तो रूम हीटर सही विकल्प है. वहीं अगर आप लंबे समय तक स्थिर, सुरक्षित और ऊर्जा-कुशल हीटिंग चाहते हैं, तो वॉल-माउंटेड पैनल हीटर बेहतर साबित हो सकता है. सही चुनाव आपकी दिनचर्या और घर की जरूरतों पर निर्भर करता है.


