NCP को लेकर अजित पवार ने बनाया था प्लान! भावुक होकर करीबी ने खोल दिया पार्टी का राज, बताई उनकी आखिरी इच्छा
उपमुख्यमंत्री अजित पवार के निधन के बाद अंतिम संस्कार के दौरान परिवार के करीबी ने भावुक होकर एक बहुत बड़ा खुलासा किया है. उन्होंने NCP को लेकर अजित पवार के प्लान के बारे में मीडिया को जानकारी दी है.

महाराष्ट्र: 28 जनवरी को महाराष्ट्र की राजनीति में बड़ा भूचाल आया, जिसमें पता चला कि उपमुख्यमंत्री अजित पवार का प्लेन क्रेश के दौरान निधन हो गया है. उनके निधन से पूरा राज्य शोक में चला गया. सभी राजनीतिक दल के नेताओं ने उन्हें श्रंद्धाजलि दी. हालांकि अंतिम संस्कार के दौरान एक बहुत बड़ा खुलासा हुआ है.
अंतिम संस्कार के दौरान जहां सभी लोग भावुक दिखें और पवार के परिवार को संभालते दिखें, वहीं विद्या प्रतिष्ठान के सदस्य और पवार परिवार के करीबी किरण गुजार ने भावुक होकर एक बहुत बड़ा खुलासा कर दिया है.
अजित पवार की मौत
बुधवार को विमान दुर्घटनाग्रस्त होने से एनसीपी नेता अजित पवार की मौके पर ही मौत हो गई. वे महाराष्ट्र से बारामती चुनाव प्रचार के लिए जा रहे थे. इस दौरान प्लेन में इनके अलावा और भी कई लोग मौजूद थे. अजित पवार के साथ-साथ पायलट सहित सभी लोगों की मौत हो गई.
अजित पवार का अंतिम संस्कार
गुरूवार 29 जनवरी को अजित पवार का अंतिम संस्कार विद्या प्रतिष्ठान ग्राउंड में की गई. इस दौरान पीएम मोदी, अमित शाह सहित कई बड़े नेता वहां मौजद रहे. पवार का अंतिम संस्कार बेटे पार्थ और जय द्वारा किया गया.
किरण गुजार ने NCP को लेकर बताई सच्चाई
अजित पवार के करीबी किरण गुजार ने शुक्रवार को मीडिया से बात करते हुए कई बड़े खुलासे किए. उन्होंने NCP को लेकर पवार की बाते मीडिया को बताई. उन्होंने खुलासा किया कि अजित पवार (दादा) की आखिरी इच्छा थी कि एनसीपी के दोनों गुटों वापस से एक जुड़ जाना चाहिए. यानी कि सभी को दरार भूल एकजुट होना चाहिए.
उन्होंने आगे बताया कि पवार ने इस बारें में पूरे परिवार से बात की थी. यहां तक कि किरण गुजार से भी आखिरी बार फोन पर इसी मुद्दे पर चर्चा हुई. इस दौरान पवार ने गुजार से कुछ चुनाव से संबंधित कागजात भी मांगे थे.
पवार का गठबंधन चुनाव का प्लान
बता दें कि पुणे और पिंपरी-चिंचवड़ नगर निगम चुनाव के लिए NCP और SCP ने गठबंधन में चुनाव लड़े थे. यहां तक कि आगामी जिला परिषद और पंचायत समिति चुनावों के लिए भी गठबंधन की बात चल रही थी, लेकिन किस्मत को कुछ और ही मंजूर था.


