किसान आंदोलन की पुरानी घटना पर नया बवाल, रवनीत बिट्टू ने प्रियंका गांधी पर लगाए बड़े आरोप
केंद्रीय मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू ने किसान आंदोलन के दौरान हुई घटना को लेकर प्रियंका गांधी पर गंभीर आरोप लगाए हैं. उन्होंने कहा कि उन्हें जानबूझकर खतरे में डाला गया. कांग्रेस ने आरोपों को राजनीतिक स्टंट बताया है.

नई दिल्ली: किसान आंदोलन से जुड़ी एक पुरानी घटना ने एक बार फिर सियासी हलचल तेज कर दी है. केंद्रीय रेल राज्य मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू ने कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा के खिलाफ औपचारिक शिकायत दर्ज कराने की घोषणा की है. बिट्टू का कहना है कि पांच साल पहले किसान आंदोलन के दौरान उन्हें जानबूझकर ऐसी जगह भेजा गया, जहां उनकी जान को खतरा था.
बिट्टू के अनुसार, किसान आंदोलन के दौरान उन्हें प्रदर्शन कर रहे किसानों के बीच भेजा गया था. उनका दावा है कि उस समय माहौल बेहद तनावपूर्ण था और भीड़ काफी आक्रोशित थी. उन्होंने आरोप लगाया कि हालात ऐसे थे कि उनके साथ किसी भी समय गंभीर घटना हो सकती थी.
क्या थी मंशा?
एक इंटरव्यू में उन्होंने कहा कि वह इस बात की जांच चाहते हैं कि आखिर उन्हें वहां भेजने के पीछे क्या मंशा थी. उनका कहना है कि उस दिन की स्थिति इतनी गंभीर थी कि वह और एक अन्य विधायक भीड़ के गुस्से का शिकार हो सकते थे. बिट्टू ने इसे एक संभावित “पूर्व-नियोजित योजना” बताते हुए कहा कि उस घटना को राजनीतिक मुद्दा बनाने की कोशिश हो सकती थी.
जताई ‘लिंचिंग’ की आशंका
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि उस दिन हालात इतने बिगड़ गए थे कि उन्हें लगा कि उनकी जान जा सकती है. उनके मुताबिक, किसानों के बीच उनके खिलाफ काफी नाराजगी थी. ऐसे में उन्हें वहां भेजना सामान्य राजनीतिक कार्यक्रम नहीं था, बल्कि इसके पीछे किसी बड़े उद्देश्य की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता. उन्होंने कहा कि अब वह इस पूरे मामले की औपचारिक जांच की मांग करेंगे, ताकि सच्चाई सामने आ सके.
राहुल गांधी के बयान पर प्रतिक्रिया
बिट्टू ने लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी द्वारा उन्हें ‘गद्दार’ कहे जाने पर भी कड़ी आपत्ति जताई. उनका कहना है कि इस तरह के शब्द किसी वरिष्ठ नेता को शोभा नहीं देते. उन्होंने सवाल उठाया कि यदि पार्टी बदलना गद्दारी है, तो क्या कांग्रेस में शामिल हुए अन्य नेता भी उसी श्रेणी में आते हैं?
कांग्रेस का पलटवार
इन आरोपों पर कांग्रेस नेताओं ने तीखी प्रतिक्रिया दी है. पंजाब कांग्रेस के वरिष्ठ नेता प्रताप सिंह बाजवा ने इसे राजनीतिक ड्रामा बताया. उनका कहना है कि इतने वर्षों बाद इस मुद्दे को उठाना केवल सुर्खियां बटोरने की कोशिश है. वहीं, पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग ने आरोपों को निराधार बताया. उन्होंने कहा कि किसी को जबरन प्रदर्शन स्थल पर भेजने की बात हास्यास्पद है. उनके मुताबिक, यह सब मौजूदा राजनीतिक माहौल में अपनी स्थिति मजबूत करने की कोशिश है.


