RG Kar रेप मर्डर केस में संजय रॉय को उम्रकैद, आखिरी सांस तक जेल में रहना होगा

RG Kar Case: आरजी कर मेडिकल कॉलेज और अस्पताल में एक प्रशिक्षु डॉक्टर के साथ बलात्कार और हत्या के आरोपी संजय रॉय को उम्रकैद की सजा सुनाई गई है. सियालदह कोर्ट के अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश अनिरबन दास ने शनिवार को संजय रॉय को दोषी ठहराया था.

Shivani Mishra
Edited By: Shivani Mishra

RG Kar Case: आरजी कर मेडिकल कॉलेज और अस्पताल में एक प्रशिक्षु डॉक्टर के साथ बलात्कार और हत्या के आरोपी संजय रॉय को उम्रकैद की सजा सुनाई गई है. इसके साथ ही उसपर 50 हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया है. सजा सुनाने से पहले जज ने संजय से कहा, 'मैंने तुम्हें पहले ही बताया था कि तुम पर लगाए गए सभी आरोप जैसे बलात्कार और हत्या के आरोप साबित हो चुके हैं. संभावित सजा के बारे में तुम क्या कहना चाहोगे?' इस पर संजय ने कहा, 'मुझे बिना किसी वजह के फंसाया गया है. मैं हमेशा रुद्राक्ष की माला पहनता हूं, अगर मैं अपराध करता तो क्राइम सीन में ही माला टूट जाती. मुझे बोलने नहीं दिया गया. कई कागजों पर जबरदस्ती साइन करवाए गए.'

मैंने तुम्हें 3 घंटे तक सुना- जज

संजय की दलील पर जज ने कहा,'मैंने तुम्हें, मुझसे बात करने के लिए करीब आधा दिन दिया था. मैंने तुम्हें 3 घंटे तक सुना. मेरे सामने जो भी आरोप, सबूत, दस्तावेज, गवाह पेश किए गए, उनकी जांच की गई और इनके आधार पर मैंने तुम्हें दोषी पाया है. तुम पहले ही दोषी साबित हो चुके हो. अब मैं सिर्फ सजा के बारे में तुम्हारी बात सुनना चाहता हूं. तुम्हारे परिवार में कौन-कौन है? क्या वे तुमसे संपर्क रखते हैं?' इस पर संजय ने कहा कि वह जब से जेल में है, उससे कभी कोई नहीं मिला.

सियालदह कोर्ट के अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश अनिरबन दास ने शनिवार को संजय रॉय को दोषी ठहराया था. पिछले साल 9 अगस्त को कोलकाता स्थित अस्पताल में हुई इस दर्दनाक घटना ने पूरे देश को झकझोर दिया. न्यायाधीश ने मामले से जुड़ी अहम बातें स्पष्ट करते हुए कहा कि सजा सुनाए जाने के बाद 160 पृष्ठों का फैसला पीड़िता के पिता द्वारा उठाए गए सवालों का जवाब भी देगा.

संजय रॉय को किस जुर्म का दोषी पाया गया?

कोलकाता की अदालत ने संजय रॉय को भारतीय दंड संहिता (बीएनएस) की धारा 64, 66 और 103(1) के तहत दोषी ठहराया. इनमें बलात्कार, हत्या और पीड़िता के साथ यौन उत्पीड़न शामिल हैं. न्यायाधीश ने कहा कि संजय रॉय ने न सिर्फ पीड़िता के साथ बलात्कार किया बल्कि उसका गला घोंटकर उसे मौत के घाट उतार दिया.

फांसी या उम्रकैद?

बीएनएस की धारा 66 के तहत यदि किसी व्यक्ति ने पीड़िता की हत्या की या उसे गंभीर अवस्था में पहुंचाया, तो उसे कम से कम 20 साल की सजा हो सकती है, जो उम्रभर की सजा में बदल सकती है. इसके अलावा, बीएनएस की धारा 103(1) में भी हत्या के लिए मृत्युदंड या उम्रभर की सजा का प्रावधान है. धारा 64 के तहत बलात्कार के मामले में कम से कम 10 साल की सजा और अधिकतम उम्रभर की सजा का प्रावधान है.

देशभर में गुस्से की लहर

इस जघन्य अपराध के बाद पूरे देश में विरोध प्रदर्शन शुरू हो गए थे. लोगों ने इस घटना को लेकर जबरदस्त नाराजगी जताई थी और न्याय की मांग की थी. कोलकाता पुलिस के पूर्व नागरिक स्वयंसेवक संजय रॉय को घटना के एक दिन बाद 10 अगस्त 2024 को गिरफ्तार किया गया था. उनकी गिरफ्तारी के बाद भी मामले में जांच जारी रही, और कलकत्ता उच्च न्यायालय ने इसे सीबीआई को सौंप दिया था.

संजय रॉय का बयान

संजय रॉय ने अदालत में अपने ऊपर लगे आरोपों को नकारते हुए कहा कि उन्हें झूठे आरोपों में फंसाया गया है. वहीं, बलात्कार और हत्या की शिकार डॉक्टर के माता-पिता ने अदालत के फैसले का स्वागत किया और न्याय के लिए आभार व्यक्त किया. संजय रॉय के परिवार ने कहा कि वे सजा के फैसले को चुनौती नहीं देंगे. "हम पीड़ित परिवार से माफ़ी मांगते हैं. कानून ने मेरे भाई को दोषी पाया है और उसे उसी के अनुसार सज़ा दी जाएगी. मुझे और कुछ नहीं कहना है. प्रशासन वही करेगा जो सही है," उनकी बड़ी बहन ने कहा.

ताजा खबरें

ट्रेंडिंग वीडियो