'रूस से सस्ता तेल हमें भी दो...', इंडिया की छूट पर पाक जला, नजम सेठी बोले- हम तो ट्रंप को नोबेल दिलवा रहे थे
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर तेल का संकट मचने के बाद पाकिस्तान में पेट्रोल-डीजल की कीमतों में एक झटके में 55 रुपये की भारी बढ़ोतरी हो गई. आम आदमी परेशान, पेट्रोल पंपों पर लंबी-लंबी कतारें लग रही हैं.

नई दिल्ली: पाकिस्तान में ईरान युद्ध के बाद ईंधन संकट गहरा गया है, जहां सरकार द्वारा पेट्रोल और डीजल की कीमतें एक साथ 55 पाकिस्तानी रुपये प्रति लीटर बढ़ा दीं. वरिष्ठ पत्रकार नजम सेठी ने शहबाज शरीफ सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि यही लोग पहले डोनाल्ड ट्रंप को नोबेल दिलाने की बात करते थे, अब ट्रंप द्वारा भारत को दी गई रियायत क्यों नहीं मांगते. ट्रंप ने भारत को 30 दिनों तक रूस से क्रूड ऑयल खरीदने की छूट दी है, जबकि पाकिस्तान में जनता पेट्रोल पंपों पर लंबी कतारों में परेशान है.
अंतरराष्ट्रीय बाजार में क्रूड ऑयल की कीमत 110 डॉलर प्रति बैरल पहुंच गई है, लेकिन पाकिस्तान में पेट्रोल अब 321.17 रुपये प्रति लीटर और हाई-स्पीड डीजल 335.86 रुपये प्रति लीटर बिक रहा है. नजम सेठी ने टीवी चैनल पर सरकार की नीतियों की कड़ी आलोचना की और चेतावनी दी कि जनता का गुस्सा किसी भी वक्त फट सकता है.
ईरान युद्ध के बाद पाक में तेल संकट गहराया
ईरान युद्ध के प्रभाव से पाकिस्तान में ईंधन की उपलब्धता खतरे के स्तर पर पहुंच गई है. पेट्रोल का स्टॉक महज 26 दिनों का, डीजल का 25 दिनों का और क्रूड ऑयल का स्टॉक केवल 10 दिनों का बचा है. इतनी कीमतें बढ़ने के बावजूद सरकार ग्राहकों की जरूरतें पूरी नहीं कर पा रही है, जिससे पेट्रोल पंपों पर भारी भीड़ और लंबी लाइनें लग रही हैं.
नजम सेठी की सरकार पर तीखी फटकार
नजम सेठी ने टीवी पर भड़ास निकालते हुए कहा कि हमारी सरकार किस किस्म की नीतियां बनाती है. उन्होंने कहा कि ये अवाम इसमें इतना गुस्सा है आपके खिलाफ. ये किसी दिन फट पड़ी न तो आपको समझ में नहीं आनी, किसी जेट के अंदर आपको भागना पड़ेगा. आप मेहरबानी करें, अवाम के ऊपर ये बम न फोड़ा करें. अगर फोड़ना है तो अपने ऊपर फाड़ें. ये जो हमारे नौकरशाह, अफसर, ब्यूरोक्रेट्स और हमारे सरमायादार हैं उनकी सुविधा कम कर दें.
जनता की हालत सड़कों पर देखी
नजम सेठी ने कहा कि मैंने अवाम की हालत सड़कों पर देखी सब बहुत परेशान थे. सबसे ज्यादा मोटरसाइकिल सवार जो लाइन में लगे थे और अपना वक्त जाया कर रहे थे उन्हें कुछ तेल मिल जाए. उन्होंने सरकार की ओर इशारा करते हुए कहा कि सरकार 110 रुपये बढ़ाना चाहती थी, लेकिन उन्होंने मेहरबानी की कि 55 रुपया बढ़ाया वरना वो चाहते तो 110 भी बढ़ा देते.
भारत और बांग्लादेश का उदाहरण
भारत का उदाहरण देते हुए नजम सेठी ने कहा कि आप भारत में देखें, भारत में कीमतें नहीं बढ़ी बल्कि उन्होंने मजीद इंपोर्ट की एफर्ट्स की हैं. उन्होंने अमेरिका से रियायत ली है. बांग्लादेश में पैनिक बाइंग देखी गई है लेकिन वहां पर कीमतें नहीं बढ़ीं. पाकिस्तानी हुकूमत ने क्या किया? सारा बोझ अवाम पर शिफ्ट कर दिया.


