'आप' सरकार ने दी पंजाब के हवाई अड्डों को नई उड़ान: ठप पड़े हलवारा प्रोजेक्ट को मिली नई जान
पंजाब में मुख्यमंत्री भगवंत मान की सरकार ने विमानन क्षेत्र को राज्य की आर्थिक वृद्धि, औद्योगिक कनेक्टिविटी और पर्यटन के लिए प्राथमिकता दी है. लुधियाना के हलवारा अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे और अमृतसर SGRDJ हवाई अड्डे के विकास के माध्यम से नई उड़ानों और नौकरियों का सृजन हुआ है.

पंजाब : मुख्यमंत्री भगवंत मान के नेतृत्व में आम आदमी पार्टी (आप) की सरकार ने पंजाब में विमानन क्षेत्र को विकास का प्रमुख इंजन बनाने के लिए विशेष रणनीति अपनाई है. मार्च 2022 से ही सरकार ने इस क्षेत्र को राज्य की आर्थिक वृद्धि, औद्योगिक कनेक्टिविटी और पर्यटन के लिए प्राथमिकता दी है. 2022 की औद्योगिक और व्यापार विकास नीति के तहत, हवाई अड्डों के आसपास औद्योगिक गलियारों के विकास पर विशेष जोर दिया गया है, जिसमें ₹100 करोड़ से अधिक का निवेश किया गया.
हलवारा अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डा, रुकी हुई परियोजना का पुनर्जीवन
सरकार ने इसे महान स्वतंत्रता सेनानी शहीद करतार सिंह सराभा के नाम पर रखने का प्रस्ताव भी विधानसभा में पारित कराया. यह हवाई अड्डा लुधियाना के विनिर्माण क्षेत्र के लिए वरदान साबित होगा और लगभग 10,000 नई नौकरियों के अवसर प्रदान करेगा.
अमृतसर हवाई अड्डा, अंतरराष्ट्रीय मानक की ओर
क्षेत्रीय कनेक्टिविटी और नए मार्ग
सरकार ने आदमपुर (जालंधर) और बठिंडा जैसे क्षेत्रीय हवाई अड्डों से उड़ानों को पुनः सक्रिय किया. आदमपुर से मुंबई और जयपुर के लिए नए मार्ग भी शुरू किए गए, जिससे राज्य के छोटे शहरों को भी हवाई मार्ग से जोड़ा गया.
निवेश और विकास, पंजाब का विमानन भविष्य
मुख्यमंत्री भगवंत मान के नेतृत्व में पंजाब सरकार ने विमानन क्षेत्र में ₹150 से ₹200 करोड़ से अधिक निवेश किया है. चाहे हलवारा परियोजना का पुनर्जीवन हो, अमृतसर को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता दिलाना हो, या चंडीगढ़ हवाई अड्डे तक पहुंच के लिए ₹200 करोड़ की सड़क निर्माण परियोजना हो, सरकार की हर पहल पंजाब को वैश्विक विमानन केंद्र बनाने की दिशा में है. इस तरह, मुख्यमंत्री मान की नीतियाँ न केवल राज्य की आर्थिक वृद्धि को बढ़ावा दे रही हैं, बल्कि पंजाब को उद्योग, पर्यटन और अंतरराष्ट्रीय कनेक्टिविटी में एक नया मुकाम भी दिला रही हैं.


