पोर्श, मर्सिडीज और बीएमडब्ल्यू से लेकर गहने तक... 1396 करोड़ की बैंक धोखाधड़ी मामले में ED की बड़ी कार्रवाई
प्रवर्तन निदेशालय ने भुवनेश्वर में मनी लॉन्ड्रिंग मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए व्यापारी शक्ति रंजन दास के ठिकानों से 7 करोड़ की लग्जरी कारें, 1.12 करोड़ के आभूषण, नकदी और दस्तावेज जब्त किए. यह कार्रवाई 1396 करोड़ की बैंक धोखाधड़ी से जुड़ी है. जांच में फर्जी कंपनियों के जरिए अवैध फंड ट्रांसफर का खुलासा हुआ है.

ED raid Bhubaneswar: प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने मनी लॉन्ड्रिंग की एक बड़ी जांच के तहत ओडिशा की राजधानी भुवनेश्वर में शनिवार को दो ठिकानों पर व्यापक छापेमारी की. यह छापेमारी देश के सबसे बड़े बैंक धोखाधड़ी मामलों में से एक से जुड़ी हुई थी. इस दौरान ईडी ने भारी मात्रा में नकदी, कीमती आभूषण, लग्जरी कारें और संपत्तियों से संबंधित अहम दस्तावेज जब्त किए.
7 करोड़ की लग्जरी गाड़ियां और सुपरबाइक भी बरामद
ईडी द्वारा की गई इस कार्रवाई में 10 लग्जरी कारें और 3 सुपरबाइक जब्त की गईं, जिनकी कुल कीमत 7 करोड़ रुपये से अधिक बताई गई है. इन वाहनों में पोर्श कायेन, मर्सिडीज-बेंज GLC, बीएमडब्ल्यू X7, ऑडी A3, मिनी कूपर जैसी हाई-एंड कारें और होंडा गोल्ड विंग जैसी प्रीमियम बाइक शामिल हैं. साथ ही एजेंसी को 1.12 करोड़ रुपये के कीमती आभूषण, 13 लाख रुपये नकद और अचल संपत्ति से संबंधित संदिग्ध दस्तावेज मिले हैं. इसके अलावा दो बैंक लॉकर भी सील किए गए हैं.
कारोबारी शक्ति रंजन दास के ठिकानों पर छापा
ईडी की यह छापेमारी शक्ति रंजन दास के आवास और उनकी दो कंपनियों अनमोल माइंस प्राइवेट लिमिटेड (AMPL) और अनमोल रिसोर्सेज प्राइवेट लिमिटेड (ARPL) के कार्यालयों पर की गई. यह जांच मेसर्स इंडियन टेक्नोमैक कंपनी लिमिटेड (ITCOL) द्वारा की गई 1,396 करोड़ रुपये की बैंक धोखाधड़ी से जुड़ी है.
फर्जी कंपनियों के जरिए बैंकों को ठगा
ईडी ने बताया कि 2009 से 2013 के बीच, ITCOL और उसके निदेशकों ने बैंक ऑफ इंडिया के नेतृत्व वाले बैंकों के एक समूह से फर्जी दस्तावेजों और फर्जी कंपनियों के ज़रिए ऋण लिया. इन ऋणों का उपयोग स्वीकृत उद्देश्यों के बजाय अन्य कार्यों में किया गया. इस धोखाधड़ी की तह तक पहुंचने के लिए ईडी ने पहले ही 310 करोड़ रुपये की संपत्ति जब्त की थी. अप्रैल 2025 में इस कुर्की में से 289 करोड़ रुपये बैंकों को लौटाए जा चुके हैं.
AMPL के खातों में भेजी गई अवैध राशि
जांच में यह भी सामने आया है कि ITCOL और उसकी सहयोगी फर्जी कंपनियों ने लगभग 59.80 करोड़ रुपये की राशि अनमोल माइंस प्राइवेट लिमिटेड के खातों में स्थानांतरित की. ईडी के अनुसार, शक्ति रंजन दास ने इस दागी धन को वैध दिखाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई.
ईडी ने बयान जारी कर कहा कि शक्ति रंजन दास ने जानबूझकर राकेश कुमार शर्मा (ITCOL के प्रमोटर) की मदद की, ताकि बैंक से प्राप्त ऋण राशि को खनन गतिविधियों में लगाया जा सके. बाद में इस राशि को वैध धन की तरह AMPL के खातों में दिखाया गया.
जांच अब भी जारी
प्रवर्तन निदेशालय ने स्पष्ट किया है कि यह जांच अब भी चल रही है और भी खुलासे संभव हैं. एजेंसी इस पूरे नेटवर्क को बेनकाब करने की दिशा में कदम बढ़ा रही है.


