अमरनाथ यात्रा में भीषण हादसा: चार बसों की टक्कर में 36 श्रद्धालु घायल

जम्मू-कश्मीर में अमरनाथ यात्रा के दौरान शनिवार को बड़ा हादसा हो गया. रामबन जिले के चंद्रकोट लंगर स्थल के पास तीर्थयात्रियों के काफिले की चार बसें आपस में टकरा गईं, जिसमें 36 श्रद्धालु घायल हो गए. हादसे की वजह एक बस के ब्रेक फेल होना बताया जा रहा है.

Deeksha Parmar
Edited By: Deeksha Parmar

अमरनाथ यात्रा के दौरान एक बड़ा हादसा सामने आया है. शनिवार को जम्मू-कश्मीर के रामबन जिले में चार तीर्थयात्रियों की बसें आपस में टकरा गईं, जिसमें 36 यात्री घायल हो गए. बताया जा रहा है कि एक बस के ब्रेक फेल हो गए, जिससे पीछे आ रही बसें एक के बाद एक उससे टकरा गईं. घायलों को तुरंत अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उनका इलाज जारी है.

यह हादसा उस वक्त हुआ जब तीर्थयात्रियों का काफिला पहलगाम की ओर बढ़ रहा था. रामबन के चंद्रकोट लंगर स्थल के पास यह दुर्घटना हुई. गनीमत रही कि इस हादसे में कोई जानमाल की बड़ी हानि नहीं हुई. लेकिन घटना ने यात्रा की सुरक्षा व्यवस्था पर कई सवाल खड़े कर दिए हैं.

कैसे हुआ हादसा?

रामबन के अधिकारियों के अनुसार, एक बस के ब्रेक फेल हो जाने से यह हादसा हुआ. बस ने नियंत्रण खो दिया और आगे बढ़ते हुए पीछे से आ रही तीन अन्य बसों से टकरा गई. टक्कर इतनी जोरदार थी कि बसों को साइड करने का भी मौका नहीं मिला और एक के बाद एक भिड़ंत हो गई. घायलों को तुरंत नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया.

मौके पर पहुंचे अधिकारी

हादसे की सूचना मिलते ही डीसी रामबन मोहम्मद अलयास खान, डीआईजी डीकेआर श्रीधर पाटिल, एसएसपी कुलबीर सिंह और एडीसी वरुणजीत सिंह चरक अस्पताल पहुंचे. उन्होंने घायलों का हालचाल जाना और डॉक्टरों को निर्देश दिया कि घायलों को हर संभव सुविधा दी जाए. यात्रा बाधित न हो, इसलिए यात्रियों को दूसरे वाहनों में शिफ्ट कर आगे रवाना किया गया.

अब तक 30,000 श्रद्धालु कर चुके हैं बाबा बर्फानी के दर्शन

अमरनाथ यात्रा 3 जुलाई से शुरू हो चुकी है और अब तक करीब 30 हजार श्रद्धालु बाबा बर्फानी के दर्शन कर चुके हैं. शनिवार तड़के 6,900 से ज्यादा तीर्थयात्री भगवती नगर आधार शिविर से रवाना हुए. चौथे जत्थे में 6,979 श्रद्धालु शामिल थे, जिनमें पुरुष, महिलाएं, साधु-साध्वियां और बच्चे भी थे.

आतंकी हमले के बाद सुरक्षा व्यवस्था कड़ी

22 अप्रैल को पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद अमरनाथ यात्रा को लेकर सुरक्षा व्यवस्था पहले से कहीं ज्यादा कड़ी कर दी गई है. तीर्थयात्रियों को रेडियो फ्रीक्वेंसी आइडेंटिफिकेशन (RFID) टैग दिए जा रहे हैं. पूरे क्षेत्र में सुरक्षाबलों की तैनाती और चेकिंग व्यवस्था को मजबूत किया गया है. यात्रा की औपचारिक शुरुआत उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने की थी.

यात्री सतर्क रहें, प्रशासन अलर्ट मोड पर

प्रशासन ने तीर्थयात्रियों से अपील की है कि वे यात्रा के दौरान सावधानी बरतें और ट्रैफिक नियमों का पालन करें. किसी भी आपात स्थिति में पुलिस और मेडिकल हेल्पलाइन नंबर पर तुरंत संपर्क करें. यात्रा को सुरक्षित और शांतिपूर्ण बनाना प्रशासन की पहली प्राथमिकता है.

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