15 गिरफ्तार, 500 पर केस दर्ज… पुणे में सोशल मीडिया पर आपत्तिजनक पोस्ट से मचा बवाल, यवत गांव में आगजनी और तोड़फोड़

पुणे के यवत गांव में एक आपत्तिजनक व्हाट्सएप पोस्ट को लेकर शुक्रवार को तनाव फैल गया. आक्रोशित भीड़ ने सड़कों पर उतरकर वाहनों और दुकानों में तोड़फोड़ की. पुलिस ने हालात काबू में करने के लिए लाठीचार्ज और आंसू गैस का इस्तेमाल किया. मामले में अब तक 15 लोगों को गिरफ्तार किया गया है और 500 से ज्यादा लोगों पर केस दर्ज हुआ है.

Shivani Mishra
Edited By: Shivani Mishra

Pune Violence: पुणे की दौंड तहसील के यवत गांव में शुक्रवार को एक आपत्तिजनक व्हाट्सएप पोस्ट के चलते सांप्रदायिक तनाव फैल गया. देखते ही देखते बड़ी संख्या में लोग सड़कों पर उतर आए और हिंसा फैल गई. कई दुकानों और वाहनों में तोड़फोड़ की गई और आगजनी की घटनाएं सामने आईं. हालात को काबू में लाने के लिए पुलिस को आंसू गैस के गोले छोड़ने पड़े और लाठीचार्ज भी करना पड़ा.

मामले में अब तक 15 लोगों को गिरफ्तार किया गया है जबकि 500 से अधिक लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है. इसके अलावा, विवादित पोस्ट डालने वाले युवक को भी पुलिस ने हिरासत में ले लिया है. पुलिस और प्रशासन ने यवत गांव में बड़ी संख्या में सुरक्षा बल तैनात किए हैं और धारा 144 के तहत निषेधाज्ञा लागू कर दी गई है.

क्या है पूरा मामला?

यवत गांव में शुक्रवार को एक युवक द्वारा व्हाट्सएप पर कथित आपत्तिजनक पोस्ट डालने के बाद माहौल बिगड़ गया. स्थानीय लोगों ने आक्रोशित होकर हिंसा की और सड़कों पर उतर आए. भीड़ ने एक मोटरसाइकिल को आग के हवाले कर दिया, साथ ही एक बेकरी और दो कारों को भी नुकसान पहुंचाया. एक धार्मिक स्थल को भी नुकसान पहुंचाने की सूचना मिली है.

अब तक 15 लोग गिरफ्तार

यवत पुलिस स्टेशन के वरिष्ठ निरीक्षक नारायण देशमुख ने बताया, "अब तक 15 लोगों को गिरफ्तार किया गया है और उन्हें 6 अगस्त तक पुलिस हिरासत में भेजा गया है." पुलिस के अनुसार, अब तक इस मामले में पांच एफआईआर दर्ज की गई हैं जिनमें चार एफआईआर 500 से अधिक लोगों के खिलाफ दर्ज की गई हैं. इनमें से 100 से अधिक की पहचान की जा चुकी है.

पुलिस ने हालात पर काबू

हिंसा भड़कने के बाद पुलिस ने त्वरित कार्रवाई की और भीड़ को काबू में करने के लिए आंसू गैस के गोले छोड़े और लाठीचार्ज किया. पुणे ग्रामीण के पुलिस अधीक्षक संदीप सिंह गिल ने बताया, पुलिस की तत्परता से स्थिति पर नियंत्रण पा लिया गया है. गांव में SRPF समेत भारी पुलिस बल तैनात किया गया है. उन्होंने कहा, अब तक की जांच में किसी भी साजिश के संकेत नहीं मिले हैं, लेकिन अंतिम निष्कर्ष जांच पूरी होने के बाद ही निकाला जा सकेगा.

कौन है आरोपी युवक?

महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार शुक्रवार को घटनास्थल पर पहुंचे और उन्होंने जानकारी दी कि आपत्तिजनक पोस्ट डालने वाला युवक नांदेड़ का रहने वाला है और यवत में दिहाड़ी मजदूरी करता है. पवार ने कहा, "उसने मध्य प्रदेश की एक घटना से जुड़ी पोस्ट डाली थी, जिससे स्थानीय लोग नाराज हो गए और उन्होंने हिंसक प्रतिक्रिया दी."

प्रशासन ने स्थिति को देखते हुए भारतीय न्याय सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 163 और भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 144 के तहत निषेधाज्ञा लागू कर दी है. ये प्रतिबंध तब तक प्रभावी रहेंगे जब तक हालात सामान्य नहीं हो जाते.

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